संस, लुधियाना : तप चन्द्रिका श्रमणी गौरव समता विभूति सरलमना महासाध्वी वीणा महाराज, कोकिल कंठी प्रवचन भास्कर साध्वी रत्न संचिता महाराज, नवकार साधिका महासाध्वी सुन्नैया महाराज, साध्वी अरणवी महाराज, साध्वी अर्षीया, साध्वी आर्यनंदा ठाणा-6 के सानिध्य में एसएस जैन स्थानक सिविल लाइंस में धर्म सभा जारी है।

साध्वी रत्न संचिता महाराज ने कहा आज का मानव मन से अशांत है। उत्पीड़ित है। इसी के चलते वह रात-दिन चिताग्रस्त बना रहता है। मन को शुभ विचारों से ही वश में किया जा सकता है। अभ्यास व वैराग्य द्वारा ही मन शांत होता है। आज का मानव मन संसारिक प्रलोभनों वं वासना में संलग्न रहता है। परिणामत: वह ओर अधिक अशान्ति में चला जाता है। मन को वश में रखने के लिए खान-पान, रहन-सहन की सात्विकता शुद्धता आवश्यक है। मन को संयम में रखने वाला ही मनोविजेता बनकर जगत विजेता बन जाता है। जैसा अभ वैसा मन, जैसा पानी, वैसी वाणी का असर जीवन में हमेशा रहता है। महासाध्वी वीणा महाराज ने कहा कि पांच दिसंबर को जैन स्थानक प्रांगण में चातुर्मास हेतु विदाई समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह प्रात 8.30 बजे आरंभ हो जाएगा। इस अवसर पर सभाध्यक्ष अरिदमन जैन, चातुर्मास कमेटी चेयरमैन जितेंद्र जैन, सीनियर उपाध्यक्ष सुभाष जैन, महामंत्री प्रमोद जैन, नीलम जैन कंगारू, कोषाध्यक्ष रजनीश जैन गोल्ड स्टार, विनोद जैन गोयम, रविदर जैन भ्राता, विपन जैन, युवक संघ अध्यक्ष संजय जैन व समस्त कार्यकारिणी सदस्य, फूलचंद जैन शाही लिवास, गुरु कृपा सेवा सोसायटी अध्यक्ष वैभव जैन व कार्यकारी सदस्य आदि शामिल थे।

Edited By: Jagran