संस, जगराओं : जगराओं के पास स्थित गांव काउंके खोसा के बहुचर्चित जस्सी-मिट्ठू प्रेम कहानी के दुखदाई अंत के बाद आखिर जसविंदर कौर उर्फ जस्सी की आत्मा को शांति और सुखविंद्र सिंह उर्फ मिट्ठू को इंसाफ मिलने की आस जग गई है। जस्सी के कत्ल केस (ऑनर किलिंग) का सामना कर रही कनाडा में रहती उसकी मां मलकीत कौर (65) और उसके मामा सुरजीत सिंह (70) के प्रत्यर्पण के लिए वहां की सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाते हुए बेशक भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है, पर उन्हें देश लाए जाने की प्रक्रिया के कारण अभी समय लगेगा। ऑनर किलिंग का यह मामला वर्ष 2000 का है। संगरूर की अदालत में इस संबंधी केस चल रहा है। दोनों आरोपितों को भारत लाए जाने के बाद यहीं अदालत में उन पर इस केस में ट्रायल चलाया जाएगा।

इससे पहले सितंबर 2017 में कनाडा स्थित वैंकूवर की सुप्रीम कोर्ट ने आरोपित जस्सी की मां और मामा को भारत भेजने के निर्देश जारी किए थे। उनको जब एयरपोर्ट तक लाया गया तो ऐन मौके पर ही सुरजीत और मलकीत के परिजनों को नियमों के तहत पहले सूचित न किए जाने का हवाला देते हुए इनको भारत भेजने पर रोक लगा दी गई थी। फिर से यह मामला वहां की सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंच गया था। अब वैंकूवर की सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर कोफैसला सुनाते हुए दोनों आरोपितों को भारत में चल रहे इस ऑनर किलिंग केस का सामना करने के लिए प्रत्यर्पण करने की मंजूरी दे दी है।

---------------- समझौते के लिए दबाव बनाया, लालच दिए, पर प्यार के लिए डटा रहा

कनाडा की अदालत की तरफ से दोनों आरोपितों को भारत प्रत्यर्पण की दी गई मंजूरी से मुझे आखिर इंसाफ की उम्मीद जगी है। इस मामले को 18 वर्ष हो चुके है। मैं अनेकों मुसीबतों से लड़ा। मुझ पर आरोपितों के साथ समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया। करोड़ों रुपये और जमीन का लालच दिया गया। मै लालच और दबाव में नहीं आया तो मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज करवाए गए। इनमें दुराचार, लूटपाट, स्मैक, शराब और चिट्टा बेचने के मामले शामिल है। इनमें से मैं तीन मामलों में बरी हो चुका हूं। अब शराब और चिट्टे का मामला चल रहा है। मुझ पर अवैध मामले दर्ज कर मानिसक व आर्थिक तौर पर तोड़ने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन मैं अपने प्यार और जस्सी को इंसाफ दिलाने के लिए सभी मुश्किलों के साथ लड़ा और आज भी मैं इसके लिए डटकर खड़ा रहूंगा।

-जस्सी के पति मिट्ठू से बातचीत

------------ कनाडा की अदालत पहले भारत सरकार को करेगी सूचित, फिर डीजीपी को आएगा पत्र

जांच अधिकारी एसपी स्वर्ण सिंह ने कहा कि इस केस में नामजद अनिल कुमार, अश्वनी कुमार और इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह को अदालत पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इन लोगों ने ही जस्सी और मिट्ठू पर हमला किया था। अब जस्सी की मां मलकीत कौर और उसके मामा सुरजीत सिंह पर ट्रायल चलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों के प्रत्यर्पण के लिए कनाडा की अदालत की ओर से पहले भारत सरकार को सूचित किया जाएगा। फिर पंजाब के डीजीपी को कोर्ट के आदेशों का पत्र भेजा जाएगा। उन निर्देशों की पालना डीजीपी करवाएंगे और नियमों के तहत सुरजीत और मलकीत कौर को भारत सरकार के हवाले कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में अभी समय लगेगा। इन दोनों को भारत लाकर संगरूर की अदालत में चल रहे केस में इन पर ट्रायल चलाया जाएगा। मामले पर एक नजर

कनाडा की निवासी जसविंदर कौर उर्फ जस्सी अपने नानके गांव काउंके कलां में आई तो उसे गरीब परिवार के सुखविंद्र सिंह उर्फ मिट्ठू के साथ प्रेम हो गया। दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ 15 मार्च 1999 में शादी कर ली। परिवार के सदस्य जस्सी को बहला-फुसलाकर अपने साथ कनाडा ले गए। वहां से जस्सी कनाडा की रायल मांउटेड पुलिस की सहायता लेकर मई 2000 में भारत मिट्ठू के पास लौट आई। आरोप है कि परिवार ने योजना के तहत 8 मई 2000 को जस्सी-मिट्ठू पर जानलेवा हमला करवा दिया। उस हमले में जस्सी की मौत हो गई। उसका शव अगले दिन नहर के किनारे मिला था और मिट्ठू बुरी तरह से घायल हो गया था। इस मामले में नाम•ाद जस्सी की मां मलकीत कौर और मामा सुरजीत सिंह कनाडा चले गए थे।

Posted By: Jagran

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