जागरण संवाददाता, लुधियाना : एक्सपोर्ट के दौरान आइजीएसटी के रिफंड में हो रही देरी, कंटेनरों की चेकिंग के लिए आने वाली परेशानी और डॉक्यूमेंटेशन के साथ-साथ इंपोर्ट ड्यूटी मौके पर देने से होने वाली असुविधाओं को लेकर उद्यमियों ने दिल्ली कस्टम जोन के चीफ कमिश्नर एसके साहनी के साथ चर्चा की। वह शनिवार को लुधियाना के फोकल प्वाइंट स्थित सीआइसीयू भवन में उद्यमियों के साथ चर्चा करने के लिए पहुंचे थे।

उन्होंने उद्यमियों को जहा विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर किए गए संशोधनों के बारे में बताया, वहीं उनकी समस्याएं और इसके हल के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। चीफ कमिश्नर एसके साहनी ने एक्सपोर्टरों को आथोराइज्ड इकनॉमिक ऑपरेटर में रजिस्ट्रेशन करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसमें रजिस्ट्रेशन करवाने पर एक्सपोर्ट कार्गो की चेकिंग नहीं होगी। इससे फास्ट क्लीयरेंस होगी। साथ ही इंपोर्ट ड्यूटी जो उसी समय देनी पड़ती थी, वह भी पंद्रह दिनों में दे सकेंगे। इसके अलावा आइजीएसटी रिफंड भी शीघ्र मिलेगा। उद्यमियों ने आइजीएसटी का रिफंड शीघ्र नहीं मिलने का मुद्दा उठाया और ईजीएम फाइल नहीं होने पर भी विस्तार से चर्चा की।

बैठक में लुधियाना कस्टम कमिश्नर एएस रंगा ने लुधियाना के व्यापार और विभागीय प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि लुधियाना 31 अक्टूबर तक का 93 प्रतिशत आइजीएसटी रिफंड सेंक्शन हो चुका है। इस दौरान प्रधान उपकार सिंह आहुजा और महासचिव पंकज शर्मा ने आइजीएसटी रिफंड देरी से आने का मुद्दा उठाया। इस दौरान एससी रल्हन, राम लुभाया, जेएस भोगल, मदन बस्सी और प्रथी बस्सी ने भी विचार रखे।

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