जागरण संवाददाता, लुधियाना/जगराओं : आम आदमी पार्टी (आप) का पहला कैबिनेट विस्तार सोमवार को होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में आप को सर्वाधिक 13 विधायक देने वाले जिला लुधियाना को अभी तक कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। इन 13 विधायकों में 12 पहली बार विधानसभा में पहुंचे हैं और जगराओं की विधायक सरबजीत कौर माणूके लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंची है।

सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल गठन के समय जोरदार अटकलें थी कि माणूके को विधानसभा का स्पीकर बनाया जा सकता है, लेकिन जब संधवा को स्पीकर मनोनीत किया गया, तो उम्मीद जताई जा रही थी कि अब माणूके को कैबिनेट में मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि पहले मंत्रिमंडल में माणूके को जगह नहीं मिली। इसके बावजूद माणूके ने न तो धैर्य खोया और न ही गिला शिकवा किया। इससे पहले कैप्टन की सरकार के समय पार्टी की ओर से उन्हें विधानसभा में विपक्ष की उपनेता मनोनीत किया गया था। उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को होने जा रहे कैबिनेट विस्तार में माणूके को जगह जरूर मिलेगी। यदि ऐसा होता है तो वह लुधियाना जिले की पहली महिला मंत्री होंगी।

विधानसभा चुनाव में माणूके ने शिअद के मंझे हुए नेता एसआर कलेर को 41 हजार मतों से हराकर लोगों में अपने आधार को दर्शाया था। पहली कैबिनेट में जब उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया तो उनका कहना था क वह पार्टी की वफदार सिपाही हैं और पार्टी का हर फैसला उन्हें मंजूर है। अब कैबिनेट विस्तार के समय माणूके ने वही लाइन दोहराई है। उनका कहना है कि आप के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविद केजरीवाल व मुख्यमंत्री भगवंत सिह मान उन्हें जो जिम्मेदारी देंगे, वह पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाएंगी।

बग्गा, छीना और गोगी भी दावेदार

कैबिनेट विस्तार में लुधियाना के विधायक गुरप्रीत गोगी, राजिदर पाल कौर छीना और चौधरी मदनलाल बग्गा भी दावेदारों में शूमार हैं। हालांकि दोनों ही विधायक चुनाव से थोड़े दिनों पहले ही कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर आप में शामिल हुए हैं, लेकिन उनके पास राजनीति का अच्छा खासा तजुर्बा है। इन दोनों के बीच राजिदर पाल कौर छीना पहली बार विधायक बनी है, लेकिन वह अन्ना हजारे आंदोलन के समय से ही केजरीवाल की टीम के साथ काम करती रही हैं और दिल्ली के नेताओं में उनकी अच्छी खासी पैठ है। हालांकि पार्टी उन पर कितना भरोसा करती है, वह सोमवार को पता चलेगा।

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