लुधियाना, [कृष्ण गोपाल]: नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी की निगाहों पर आइकॉन खिलाड़ी। प्रो. रेसलिंग सीजन-4 के तहत अभी तक 54 खिलाडिय़ों के डोप टेस्ट हुए है, नाडा की ओर से 30 इंडियन, जबकि वाडा से 24 विदेशी खिलाडिय़ों के डोप टेस्ट हुए, लेकिन फिलहाल सभी सुरक्षित है, लेकिन इन खिलाडिय़ों पर नाडा व वाडा दोनों की निगाहें रहेंगी। इसके लिए नाडा द्वारा 1 फरवरी से भारतीय कुश्ती कैंप को लेकर दुबारा डोप टेस्ट लिए जाएंगे, ताकि इस खेल व खिलाडिय़ों की साख को साफ सुथरा रखा जा सके। यह कहना था भारतीय कुश्ती फेडरेशन अध्यक्ष ब्रज भूषण सिंह का। फेडरेशन अध्यक्ष प्रो. रेसलिंग को लेकर लुधियाना आए हुए। शहरवासियों का रेसलिंग को लेकर उत्साह से सिंह काफी खुश है। उनका कहना है कुश्ती में पंजाबियों की काफी देन रही है। नाडा की ओर से अगर कोई व्यक्ति इस मामले में फंसता नजर आएगा, तो खेल मंत्रालय के दिशा निर्देश के तहत उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

बजरंग से लेकर साक्षी, विनेश पर रहेगी नाडा की नजर

प्रो. रेसलिंग लीग 4 सीजन के तहत 54 खिलाड़ी भाग ले रहे है। जिनमें 30 देसी व 24 विदेशी महिला व पुरुष खिलाड़ी शामिल है। लेकिन इन 6 टीमों में 12 ऑइकान खिलाड़ी है, खासकर बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश, रितु, प्रवीण राणा, नवजोत कौर, आदि पर नाडा की विशेष पैनी निगाह रहेगी, इसके अलावा जो विदेश खिलाड़ी शामिल है, उन पर यूनाइटेड रेसलिंग फेडरेशन वाडा से डोप कराकर बनती कार्रवाई करेगा। 

नेशनल कैंप में होंगे दोबारा डोप टेस्ट 

भूषण का कहना है रेसलिंग फेडरेशन आफ इंडिया द्वारा 1 फरवरी को भारतीय कुश्ती का पुरुष वर्ग सोनीपत व महिला वर्ग का लखनऊ में शिविर लगेगा। जिस पर दोनों टीमों के खिलाडिय़ों का दोबारा नाडा टेस्ट लेगा, अगर कोई खिलाड़ी इसमें पकड़ा जाता है, तो उस पर खेलमंत्रालय के नियमों अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

नरसिंह यादव बेहतर खिलाड़ी : सिंह 

नरसिंह यादव बेहतरीन खिलाड़ी है, हालांकि रियो ओलंपिक के बीच नाडा द्वारा लगाएं प्रतिबंधित मामले को कोर्ट को जल्द सुनवाई करनी चाहिए, ताकि यह प्रतिभावान खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां कर सके। हालांकि प्रतिबंधित होने की वजह से नरसिंह कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स का हिस्सा नहीं बन पाएं थे।

क्या है बाउट सिस्टम ? 

सिंह का कहना है प्रो. रेसलिंग लीग के तहत ब्लॉक सिस्टम का रोमांच ही अलग है। अगर किसी टीम के ताकत वर खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखाना है तो टॉसकी भूमिका अहम हो जाती है। इसलिए दोनो टीम टॉस जितने के लिए दुआएं करते नजर आती है। क्योंकि जब कोई एक टीम टॉस जीत ती है तो उसको विपक्ष टीम के ताकत वर खिलाड़ी को बाहर दिखाने के लिए ब्लॉक करती है। हालांकि विपक्ष टीम पहले की वजाय दूसरी बारी मिलने पर मौका मिलता है। 

 

Posted By: Pankaj Dwivedi

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