जासं, लुधियाना : शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई के लिए ढाई साल पहले मैकेनिकल स्वीपिंग सिस्टम शुरू किया गया। पर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से लेकर मेयर तक इससे संतुष्ट नहीं हैं। यहां तक कि नगर निगम कंपनी को मैकेनिकल स्वीपिंग बंद करने का नोटिस भी जारी कर चुका है। इसके बावजूद शहर में मैकेनिकल स्वीपिंग चल रही है। इसके लिए निगम हर माह निजी कंपनी को भारी भरकम राशि अदा करता है। जितनी राशि निगम तीन मशीनों के किराए के तौर पर हर माह दे रहा है, उसी राशि में डीसी रेट पर शहर में 1000 से अधिक सफाई सेवक नियुक्त किए जा सकते हैं।

शहर की सड़कों पर तीन मशीनों से सफाई होती है। निगम हर माह कंपनी को इसके बदले 70 लाख रुपये दे रहा है। इस एक मशीन की कीमत सिर्फ 1.6 करोड़ के करीब है। निगम 2 साल में कंपनी को 16.80 करोड़ रुपये से ज्यादा किराया दे चुका है। इतनी राशि में निगम दो साल में 10 मशीनें खरीद सकता था। यही नहीं, निगम हर माह 70 लाख रुपये में 7 हजार रुपये के डीसी रेट में 1000 सफाई सेवकों को नियुक्त कर सकता है जो कि शहर की एक-एक सड़क की सफाई कर सकते हैं। भारत भूषण आशु विधानसभा में उठा चुके हैं मुद्दा

मैकेनिकल स्वीपिंग सिस्टम से नगर निगम को हो रहे नुकसान का मामला कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु विधानसभा में भी उठा चुके हैं। आशु ने पूरा हिसाब-किताब बताकर सदन को बताया था कि इसे बंद किया जाना चाहिए। उसके बाद मेयर बलकार सिंह संधू ने भी मैकेनिकल स्वीपिंग करने वाली कंपनी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सफाई बंद करने का नोटिस दिया। पर अभी तक इसे बंद नहीं किया गया। निगम हाउस ने भी किया प्रस्ताव पास

मेयर के नोटिस के बाद भी जब मैकेनिकल स्वीपिंग बंद नहीं हुई तो इस प्रस्ताव को नगर निगम हाउस की बैठक में भी रखा गया। इसे सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। अब यह प्रस्ताव फिर से स्थानीय निकाय विभाग के पास जाएगा। विभाग की अप्रूवल के बाद मैकेनिकल स्वीपिंग को बंद कर दिया जाएगा।

मैं कंपनी को पहले भी नोटिस दे चुका हूं। कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। निगम के खाते से कोई पेमेंट नहीं दी जाएगी। यह मुद्दा निगम हाउस में भी पास कर दिया गया है।

-बलकार सिंह संधू, मेयर लुधियाना

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