मुनीश गोयल, भीखी (मानसा)। पंजाब की 3 महिलाओं की हरियाणा के टीकरी बार्डर पर हादसे में हुई माैत के बाद मानसा में मातम पसरा है। पारिवारिक सदस्य घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली रवाना हो गए हैं जबकि गांव के लोग घरों में जुटने शुरु हो गए हैं। तीनों महिलाओं के घरों की हालत अच्छी नहीं है। गांव के सरपंच ने बताया कि तीनों महिलाएं करीब 10 दिन पहले दिल्ली में चल रहे आंदोलन में की गई थी।

हादसे में मरने वाली अमरजीत कौर की घरेलू हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। उनके पास सिर्फ पांच एकड़ जमीन है जबकि उनके पति की करीब 18 साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं, बेटा भारतीय सेना में है जोकि इस समय जालंधर में तैनात है जबकि बेटी का करीब 12 दिन पहले ही शगुन हुआ था। अमरजीत कौर का देवर भी भारतीय सेना में था,जोकि 1992 में शहीद हो गया था।

इसी गांव की गुरमेल कौर पत्नी भोला सिंह की भी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। उनके पास सिर्फ सात एकड़ जमीन है। मृतक गुरमेल कौर का एक 35 वर्षीय बेटा है। जोकि अब दिल्ली गया हुआ है। इसी प्रकार मृतक शिंदर कौर पत्नी भान सिंह की घरेलू हालत अच्छी नहीं है। उनके पास सिर्फ सवा एकड़ जमीन ही है। उनका बेटा लखविंदर सिंह अब दिल्ली में अपनी मां का शव लेने गया हुआ है।

यह भी पढ़ें-Triple Talaq: पंजाब के मालेरकोटला में निकाह के 20 वर्ष बाद WhatsApp पर तीन तलाक, 11 महीने बाद पति के खिलाफ केस

किसान पिछले कई महीनाें से सिंघु और टीकरी बार्डर पर दे रहे धरना

गाैरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भी एक कार ने किसानाें काे कुचलने के बाद हिंसा हुई थी। इसकाे लेकर काफी हंगामा हुआ था। कई राजनेताओं ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। पंजाब के किसान पिछले कई महीनाें से सिंघु बार्डर और टिकरी बार्डर में कृषि सुधार कानूनाें के विराेध में धरना दे रहे हैं। किसानाें का कहना है कि जब तक माेदी सरकार तीनाें कृषि कानूनाें काे रद नहीं करता तब तक आंदाेलन जारी रहेगा। पंजाब में कई बार किसान रेलवे ट्रैकाे के साथ ही हाईवे पर धरना दे चुके हैं।

यह भी पढ़ें-Bahadurgarh Dangerous Accident: डंपर ने चार आंदोलनकारी महिला किसानों को रौंदा, तीन की मौत, एक गंभीर

Edited By: Vipin Kumar