जागरण संवाददाता, लुधियाना। Health Tips: आज के समय में कोई शारीरिक तो कोई मानसिक तौर पर बीमार रहता है। यह सब हमारी जीवनशैली, खान पान और व्यायाम पर ही आधारित होता है। आज हम जिस बीमारी पर बात करने जा रहे हैं, वह बुढ़ापे में तो देखने को मिलता ही है किन्तु आजकल के नौजवान भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अनिद्रा, यह मानसिक तौर पर होने वाली बीमारी है, जिसमें हम तनाव इतना ले लेते हैं कि हर घड़ी हम किसी न किसी बात को लेकर इतनी गहरी सोच में चले जाते हैं। इससे हम पूरी तरह से डिप्रेस हो जाते है और फिर इस से हमे नींद बहुत कम आने लगती है और हम अनिद्रा का शिकार हो जाते हैं। एवरेस्ट योगा इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर संजीव त्यागी के अनुसार अनिद्रा को दूर करने के लिए योग में ऐसे आसन हैं, जो हमे नींद लाने में बहुत मदद करता है साथ हमारी मानसिकता को भी ठीक करता है।

आसनों को करने की विधि

आसनों को करने से पहले सुक्ष्म क्रियाओं का अभ्यास जरूर करें। ओर दिए गए आसनों का अभ्यास अनिद्रा से परेशान लोगों को इनका अभ्यास सुबह जल्दी उठ कर करना चाहिए। आसनों में कुंभक का अभ्यास बहुत उत्तम है लेकिन यदि श्वास संबंधित कोई समस्या हो तो वह इसका प्रयोग न करें।

हैप्पी बेबी पोज

सबसे पहले सीधा लेट जाएं अब दोनों घुटनों को मोड़ कर छाती पर ले आएं दोनों घुटनों को खोल दें अब दोनों हाथों से अपने पैरों के तलवे को पकड़ लें और पैरों को आसमान की ओर ले आएं और घुटनों को ज़मीन पर लगाने का प्रयास करें। ओर सिर को बिल्कुल आराम से रखें और श्वास , प्रश्वास करते रहें। फिर धीरे-धीरे वापिस आते हुए विश्राम करें।

पाद हस्त आसन

सबसे पहले मेट में सम स्थिति में खड़े हो जाएं अब लंबा सांस लेते हुए दोनों हाथों को कंधो के किनारे से खींचते हुए हाथों को उपर ले जाएं और अपनी कमर , कंधों को उपर की ओर खिंचे। अब लंबी सांस छोड़ते हुए नितम्ब को थोड़ा पीछे करते हुए आगे झुकते हुए दोनों हाथों को दोनों पैरों के बगल में रख दें और सिर को पैरों से लगाने का प्रयास करें ओर कमर को सीधा रखें। ओर आसन में 30 सेकेंड तक बने रहें फिर वापिस आते हुए हस्तासन में थोड़ा कमर को आराम देते हुए वापिस सम स्थिति में आ जाएं। यह आसन रक्त संचार दिमाग तक बहुत तेज़ करता है।

विपरीत करणी आसन

ज़मीन पर योगा मेट बिछा लें ओर मेट पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं शरीर के साथ बाजू सीधे रहेंगे। पूरक करते हुए घुटनों को मोड़ें और टांगों और नितम्बों को ऊंचा उठायें। हाथों को कूल्हों के नीचे ले आयें जिससे नितम्बों को सहारा मिले। कोहनियां फर्श पर रहेंगी। टांगों को ऊपर की ओर सीधा उठायें। पैरों, टांगों और कूल्हों की मांसपेशियों को विश्राम दें। सामान्य श्वास लेते हुए इस स्थिति में 30 सेकंड तक बने रहें। रेचक करते हुए घुटनों को माथे की ओर मोड़ें, धीरे-धीरे नितम्बों व टांगों को नीचे लायें और वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जायें।

भुजंगासन 

यह आसन लेट कर किया जाता है सबसे पहले पेट के बल मेट पर लेट जाएं, अपने पैरों और मस्तक को ज़मीन पर सीधा रखें।आपके पैर, पांव और एड़ियों को भी एकसाथ रखें। दोनों हाथ को दोनों कंधो के बराबर नीचें रखे तथा दोनों कोहनियों को शरीर के समीप और समानान्तर रखें।दीर्घ श्वास लेते हुए, धीरे से मस्तक, फिर छाती और बाद में पेट को उठाएं। नाभि को ज़मीन पर रखने का प्रयास करे।अब शरीर को ऊपर उठाते हुए, दोनों हाथों का सहारा लेकर, कमर के पीछे की ओर खीचें। ध्यान रखें कि दोनों बाजुओं पे एक समान भार बना रहे। श्वास लेते हुए, कमर को धीरे धीरे मोड़ते हुए दोनों हाथों को सीधा करें। गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें।अपने कंधों को शिथिल रखेंl आवश्यकता हो तो कोहनियों को मोड़ भी सकते हैं। ध्यान रखें कि आप के पैर सीधे ही हों। अपनी क्षमतानुसार ही शरीर को तानें ओर आसन में 30 सेकेंड तक रुकने का प्रयास करें, बहुत ज़्यादा मोड़ना हानि प्रद हो सकता हैं। श्वास छोड़ते हुए प्रथमत: पेट, फिर छाती और बाद में सिर को धीरे से वापस ज़मीन ले आएं। यह आसन रक्त के संचार को दिमाग तक पहुंचाने में मदद करता है।

Edited By: Vipin Kumar