जागरण संवाददाता, बरनाला। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा तीन कृषि कानूनों को रद करवाने व एमएसपी की गारंटी देने वाला नया कानून बनाने की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगाया पक्का मोर्चा शनिवार को 353वें दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री के बयानों का गंभीर नोटिस लिया। विगत दिनों कैप्टन ने पंजाब में कारपोरेटरों को किसान आंदोलन के कारण हो रहे नुकसान की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कारपोरेटरों द्वारा भविष्य में पंजाब में निवेश न करने का बयान भी दिया। दरअसल कारपोरेट पक्षीय सरकारों को विकास का केवल कारपोरेटरी माडल ही दिखाई देता है।

कृषि कानूनों की असली जड़ इसी कारपोरेट विकास माडल में पड़ी है। बलवंत सिंह उप्पली, करनैल सिंह गांधी, परमजीत कौर, नछतर सिंह साहौर, बलविंदर कौर, बलवीर कौर, बलजीत कौर, गुरजंट सिंह, लक्खा सिंह, गुरनाम सिंह, बूटा सिंह, मनजीत कौर, सरबजीत सिंह व बलजीत चौहानके ने मानव अधिकार कमीशन द्वारा दिल्ली मोर्चों में स्थानीय लोगों की मुश्किलों को लेकर जारी हिदायतों की सख्त शब्दों में निंदा की।

नेताओं ने कहा कि आयोग को स्थानीय निवासियों की शिकायतें अहम लगी ¨कतु एक वर्ष से कुदरती कहर झेल रहे किसानों के अधिकार नहीं दिख रहे। दरअसल ऐसे हथकंडे किसानों को बदनाम करने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं। किसान कानून रद करवाए बिना दिल्ली के बार्डरों से नहीं हटेंगे। उधर, एक मॉल के समक्ष भी किसानों का संघर्ष लगातार जारी है। गांव ठीकरीवाला की समूह संगत ने लंगर की सेवा निभाई। इस माैके पर राम सिंह हठूर ने इंकलाबी गीत पेश किए।

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ये रहे माैजूद

इस मौके मेजर सिंह, भजन सिंह, तेजा सिंह, जगदेव सिंह, बलजिंदर सिंह, विक्की, गुरदेव सिंह, राज सिंह, नाजर सिंह, जरनैल सिंह व बावा सिंह आदि उपस्थित थे।

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