लुधियाना, जेएनएन। हलवारा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल की आस लगाए बैठे लुधियानवियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण की सबसे बड़ी बाधा पार कर ली है। एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर बार-बार किसान विरोध करने की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) ने अब तमाम मुश्किलों से पार पाते हुए एतियाणा गांव की 161.27 एकड़ जमीन अपने कब्जे में ले ली। ग्लाडा अफसरों ने किसानों को मुआवजा राशि के चेक सौंप दिए और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया। ग्लाडा अफसर जल्दी ही अधिग्रहित की जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को हस्तांरित कर देंगे। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टर्मिनल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। 

एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण की जिम्मेदारी अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन ने ट्वीट करके जमीन पर कब्जा लेने की बात कही है। ग्लाडा अफसरों की मानें तो 140 किसानों को जमीन के चेक सौंप दिए गए हैं और करीब 40 किसानों के दस्तावेजों में खामियां थी। इसमें से भी 30 के करीब किसान ऐसे हैं जिनके बैंक लोन हैं। लोन क्लीयरेंस पर ही उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिलेगी। 

ग्लाडा अफसरों ने किसानों से कहा है कि वह इस संबंध में बैंक से संपर्क करें और एनओसी जमा करवाकर अपने चेक ले सकते हैं। इसलिए पड़ी जरूरत साहनेवाल एयरपोर्ट में बड़े विमानों के उतरने की व्यवस्था नहीं है और न ही एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद हलवारा में एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने की डिमांड सामने आई। हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के रनवे को कामर्शियल फ्लाइटों के लिए शुरू करने की अनुमति केंद्र सरकार की तरफ से मिली तो हलवारा में एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। 

51 फीसद खर्च एयरपोर्ट अथॉरिटी और 49 फीसद राज्य सरकार करेगी

टर्मिनल बनाने पर 51 फीसद खर्च एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया उठाएगी जबकि 49 फीसद खर्च राज्य सरकार को करना है। राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी ग्लाडा को सौंपी। ग्लाडा को 161.27 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपनी है। फिर टर्मिनल निर्माण की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी की है। 

भूमि अधिग्रहण में पांच महीने की देरी

पंजाब सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच हुए समझौते के हिसाब से दिसंबर 2021 तक टर्मिनल का निर्माण पूरा किया जाना है, मगर ग्लाडा ने भूमि अधिग्रहण में करीब पांच माह की देरी कर दी। ग्लाडा ने आवदेन जमा करवाने वाले किसानों को उनकी मुआवजा राशि के चेक सौंप दिए जबकि कुछ किसानों को दस्तावेज में खामियां दूर कर ठीक करने को कह दिया। अभी जिन किसानों ने अपने आवेदन जमा नहीं करवाए हैं, उनको भी ग्लाडा अफसरों ने जल्दी आवेदन जमा करने को कहा है। नहीं तो ग्लाडा उनकी जमीन की मुआवजा राशि कोर्ट में जमा करवा देगा। 

20.61 लाख रुपये प्रति एकड़ मिला है रेट

सरकार की तरफ से ग्रामीणों को जमीन के लिए 20 लाख 61 हजार 314 रुपये प्रति एकड़ रेट दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 5.50 लाख रुपये पुनर्वास भत्ता भी दिया जाएगा। किसानों ने कम भत्ता देने का विरोध किया था। इसलिए इसका अभी ग्लाडा की तरफ से रिव्यू किया जा रहा है। 

भूमि अधिग्रहण में अब तक आई दिक्कतें

  • जमीन की कीमत पर किसानों ने विरोध किया। वह भारी भरकम मुआवजा राशि चाहते थे। लेकिन ग्लाडा रिकार्ड व एक्ट के हिसाब से कीमत देने पर अड़ा रहा। 
  • पुनर्वास भत्ते को लेकर भी किसानों ने विरोध किया। यह मामला अब भी लटका हुआ है और पुनर्वास भत्ते को दोबारा से रिव्यू किया जा रहा है। 

जागरण के माय सिटी माय प्राइड मुहिम में भी उठा था मुद्दा

लुधियाना में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मुद्दा दैनिक जागरण की मुहिम माय सिटी माय प्राइड मुहिम में भी उठाया गया था। दैनिक जागरण ने शहरवासियों के साथ मिलकर शहर के राजनीतिज्ञों और अफसरों पर दबाव बनाया। इसके बाद एयरपोर्ट निर्माण के लिए सरकार आगे बढ़ी। अब हलवारा में एयरपोर्ट बनने का सपना कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहा है। 

हमने एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए जमीन पर कब्जा ले लिया है। कुछ किसानों के दस्तावेज पूरे नहीं थे। इसलिए उन्हें मुआवजा राशि नहीं दी गई। उनको कहा गया है कि जल्द ही दस्तावेज जमा करवाएं, उन्हें भी चेक दे दिए जाएंगे। पुनर्वास भत्ते को रिव्यू किया जा रहा है। यह राशि भी किसानों को जल्दी मिल जाएगी। 

-भूपिंदर सिंह, एसीए ग्लाडा कम भूमि अधिग्रहण अफसर।

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