जागरण संवाददाता, लुधियाना। शिमलापुरी की गली नंबर साढ़े आठ इलाके में रहने वाली महिला ने रविवार दोपहर 2.15 बजे पड़ोस में रहने वाली ढाई साल की मासूम बच्ची को अगवा किया। जालंधर रोड एल्डिको वैली के पास ले जाकर शाम 4:15 बजे गला दबाया और गड्ढा खोद कर उसे उसमें दफन कर दिया। 20 मिनट बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को निकाला तो उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने 12 मिनट में उसे डीएमसी पहुंचा दिया, जहां डाक्टरों ने उसे बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।

इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने महिला की करतूत पर पड़ा पर्दा हटा दिया। पुलिस ने जब थोड़ी सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की पहचान दिलरोज कौर के रूप में हुई। बच्ची के पिता हवलदार हरप्रीत सिंह ने कहा कि वो गिल गांव के सरपंच मीका गिल के साथ उनकी सिक्योरिटी में तैनात हैं। घर में उसके पिता शमिंदर सिंह, मां हरविंदर कौर, पत्नी किरन कौर, बेटा अगमप्रीत सिंह तथा बेटी दिलरोज कौर हैं। उनके पड़ोस में रहने वाली नीलम ने कुछ दिन पहले अपना मकान बेच दिया था। रविवार उसने घर का सारा सामान उठा लिया। उसके बाद वो दिलरोज को अपने साथ स्कूटर पर बैठा कर ले गई।

किरन कौर को जब काफी देर तक बच्ची के बारे में पता न चला तो उसने हरप्रीत सिंह को फोन करके उसके गुम हो जाने के बारे में बताया। पता चलते ही हरप्रीत सिंह अपनी ड्यूटी से घर लौटा। आस पड़ोस में पूछने पर लोगों ने बताया कि दिलरोज कौर को नीलम रानी के साथ स्कूटर पर जाते देखा गया है। उसके कुछ देर बाद नीलम रानी लौट आई। उससे जब दिलरोज कौर के बारे में पूछा गया तो उसने उसके बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया। नीलम का जवाब सुनने के बाद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई तो उसमें एक जगह नीलम अपने स्कूटर पर दिलरोज कौर को अपने साथ ले जाती नजर आ गई। फुटेज देखते ही मोहल्ले के लोगों ने उसे पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे पूछताछ शुरू की उसने सच्चाई उगल दी। उधर, एसीपी इंडस्ट्रियल एरिया बी राजन शर्मा ने कहा कि महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है।

सिक्योरिटी गार्ड ने प्लाट में देखा था महिला व बच्ची को एल्डिको वैली के पास

वीरान प्लाट की झाड़ियों में जिस जगह नीलम रानी ने दिलरोज की हत्या करके उसे दबाया था, उससे तीन प्लाट पहले एक बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। उस बिल्डिंग के एक केबिन में बैठे सिक्योरिटी गार्ड ने देखा कि कुछ समय पहले एक महिला स्कूटर पर बच्ची को बैठा कर लाई थी, मगर आधे घंटे बाद वह महिला स्कूटर पर अकेली वापस आई। शक होने पर वह उस प्लाट की ओर चला गया। रास्ते में एक जगह उसे बच्ची के जूते मिल गए। यह देख वह एल्डिको के बाहर खड़ी पीसीआर टीम के पास पहुंचा। टीम के साथ मौजूद एसआइ रंजीत सिंह मौके पर पहुंचे। एक जगह गड्ढा देखते ही उसकी मिट्टी को हटाया गया। उसमें बच्ची औंधे मुंह पड़ी मिल गई। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं।

आरोपित के भाई को लोगों ने पीटा, पुलिस को सौंपा

पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि बच्ची उसे जानती थी, इसलिए उसके साथ जाने के लिए आसानी से तैयार हो गई। घटनास्थल पर पहुंच कर उसने भारी चीज से उसके सिर पर वार किया। उसका गला दबाने के बाद उसे गड्ढे में दबा दिया और लौट आई। बताया जा रहा है कि शाम 7.30 बजे नीलम का भाई राजेश शर्मा गली में आया। उसे देखते ही इलाके के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

दादा बोले-आरोपित के घर में लोगों का आना-जाना था, हम रोकते थे; इससे रखती थी रंजिश

बच्ची की बेरहमी से हत्या होने का पता चलने पर हर कोई स्तब्ध था। परिवार में मां, दादी, दादा और भाई समेत अन्य रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल था। सिसकियां लेते दादा शमिंदर सिंह ने बताया कि रविवार सुबह उनके साले के घर में श्री सुखमणि साहिब का पाठ था, जिसमें शामिल होने के लिए दिलरोज तैयार होकर परिवार समेत गई थी। परिवार के लोग दोपहर का खाना खाने के बाद वहां से वापस घर लौट आए थे। वहीं पर मोबाइल से उसकी एक फोटो ली गई, वो उसकी जिंदगी की अंतिम फोटो साबित हुई। दादा ने कहा कि आरोपित महिला तलाकशुदा है और अपने दो बच्चों के साथ अपने स्वजनों के साथ रहती थी। उसके घर में तरह-तरह के लोगों का आना-जाना था। हम उसे रोकते थे। उसने इसी बात की रंजिश में उनके पोती की हत्या कर दी।