जागरण संवाददाता, लुधियाना। पशुओं के चारे को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने के खिलाफ सोमवार को गोसेवा मिशन की तरफ से डिप्टी कमिश्नर लुधियाना को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के साथ अन्य जिलों के डिप्टी कमिश्नर की तरफ से लगाई गई पाबंदी की कापी भी दी गई है।

पशुओं के चारे की शार्टेज, गोशाला संचालकों परेशान

स्वामी श्रीकृष्णा नंद जी महाराज ने साफ कहा कि अगर प्रशासन ने पशुओं का चारा बचाने के लिए उचित कदम नहीं उठाए तो वह मुख्यमंत्री गृह निवास का घेराव करने पर मजबूर होंगे। स्वामी कृष्णा नंद जी महाराज ने बताया कि कागज मिल, ईंट भट्टा व कुछ फैक्टरी की तरफ से ईंधन के तौर पर पशुओं के चारे का इस्तेमाल किया जा रहा है। नतीजा यह है कि इस समय पशुओं के चारे की शार्टेज आ चुकी है। इसलिए गोशाला संचालकों को सबसे बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

यह भी पढ़ेंः- फिल्लौर पुलिस अकादमी में चिट्टा पीने वाले पांच सिपाही गिरफ्तार, अन्य पुलिसकर्मियों को भी सप्लाई करते थे नशा; डोप टेस्ट से उठेगा पर्दा

पशु चारे का उचित दाम तय हो

पंजाब के कई जिलों में पशु चारे को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लग चुका है, लेकिन लुधियाना में अभी तक कोई पहल कदमी नहीं की गई है। इसलिए उन्हें आज मजबूरन डीसी को ज्ञापन देने के लिए आना पड़ा है। उनकी प्रशासन से मांग है कि पशु चारे का उचित दाम तय किया जाना चाहिए। ताकी गोशाला संचालकों को सही दाम पर यह पशु चारा मिल सके।

काउ सेस के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्र कर रही सरकार

सरकार काउ सेस के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्र कर रही है। इस पैसे को गोशाला में चारे के लिए दिया जाना चाहिए। अगर प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की तो वह सीएम के घर का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर कई गोशाला के संचालक मौजूद थे।

यह भी पढ़ेंः- अमृतसर के ग्रीन फील्ड इलाके में इलेक्ट्रानिक्स के शोरूम में लगी भयंकर आग, लाखों का सामान जलकर राख, एक घंटे बाद पहुंचा दमकल विभाग

Edited By: Vinay Kumar