संसू, लुधियाना : कम पढ़े लिखे जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज हासिल कर बैंक के पूर्व मैनेजर ने चार साथियों के साथ मिलकर 65 लोगों को 3.20 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन दिलाया और बाद में खुद उनके खातों से निकालकर हड़प लिया। जब इस बात का पता बैंक अधिकारियों को लगा तो उनकी शिकायत पर थाना मोती नगर की पुलिस ने पूर्व मैनेजर सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। केस में बीआरएस नगर का रहने वाला पूर्व बैंक मैनेजर राजेश कुमार और उसके साथी अरुण कुमार, अंकुश कुमार, अमरजीत सिंह और हरीश कुमार नामजद किए गए हैं।

लिंक रोड स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा के प्रबंधक अभिषेक जैन ने पुलिस से इस धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसमें बताया था कि राजेश कुमार पहले बैंक की इसी शाखा का मैनेजर था। उसने एजेंटों के साथ मिलकर कम पढ़े लिखे जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज इकट्ठा किए। उनके अलग-अलग विभागों में काम करने की वेतन की फर्जी रसीदें तैयार करवाई और बैंक की एक्सप्रेस क्रेडिट के तहत 65 लोगों को तीन करोड़ बीस लाख रुपये का पर्सनल लोन मंजूर करवा लिए। लोन का पैसा आने के बाद बैंक ने उन सभी लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया। बाद में राजेश ने लोगों से जो चेक सिक्योरिटी के तौर पर लिए थे उन्हीं के जरिये उनके खातों से वह पैसा खुद निकाल लिया। औसतन प्रत्येक व्यक्ति को पांच लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत करवाया था।

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क्या है एक्सप्रेस क्रेडिट योजना :

एक्सप्रेस क्रेडिट योजना स्टेट बैंक आफ इंडिया की पर्सनल लोन योजना है। इसके तहत शादी, छुट्टी, अनियोजित आपातकाल या नियोजित खरीदारी जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन देता है। अधिकतम 20 लाख रुपये तक लोन इसके तहत मिल सकता है।

Edited By: Jagran