जेएनएन, खन्ना। जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद भारत में राजनीतिक शरण की मांग करने वाले पाकिस्तान के राज्य खैबर पख्तून ख्वा के पूर्व विधायक बलदेव कुमार सुर्खियोंं में आ गए हैं। बलदेव कुमार से मिलने मंगलवार को भाजपा के स्थानीय नेता पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलदेेेव नेे नवजोत सिंह सिद्धू को भी सलाह दे डाली। कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू इमरान खान को नहीं जानते, इमरान को वह (बलदेव) अच्छी तरह जानतेे हैंं, क्योंकि वह इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के विधायक रहे हैं। 

बलदेव ने कहा कि इमरान खान पाकिस्तान को टेरेरिस्ट स्टेट बनाना चाहते हैं। अगर ये नया पाकिस्तान है तो ये पाकिस्तान इमरान को ही मुबारक। बता दें, जब नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर पहुंचे थे तो उन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए दोनों देशों को कदम बढ़ाने चाहिए। सिद्धूू इमरान को अपना दोस्त बताते रहे हैं।

बदलेव ने भारतीय सिखों को भी संदेश दिया। किसी धर्म विशेष का नाम लिए बगैर कहा कि भारत के सिखों को यह समझना चाहिए कि जो लोग हमारे गुरुओं के नहीं हुए, वे हमारे क्या होंगे। बलदेव कुमार ने कहा कि गुरुद्वारों में पाठ और अरदास के दौरान बिजली सप्लाई बंद करने वाली पाकिस्तानी कौम अल्पसंख्यकों को निम्न दर्जे के नागरिक के तौर पर देखती है।

भाजपा नेता पहुंचे मिलने

जागरण की खबर के बाद बलदेव कुमार से मिलने मंगलवार सुबह ही भाजपा के स्थानीय नेता पहुंचे। भाजपा जिला उपप्रधान डॉ. सोमेश बत्ता, पार्षद सुधीर सोनू, भाजयुमो प्रदेश कैशियर रमरीश विज और जिला प्रेस सचिव मनोज घई ने बलदेव की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने की बात की। कहा कि थैलेसिमिया से पीड़ित बलदेव की बेटी रिया के इलाज में भी वे हरसंभव मदद देंगे।

पिछले महीने पहुंचे थे खन्ना

बलदेव कुमार पिछले महीने खन्ना (लुधियाना) पहुंचे। इसके कुछ महीने पहले उन्होंने अपने परिवार को यहां भेज दिया था। बलदेव अब वापस नहीं लौटना चाहते और भारत में शरण के लिए जल्द ही अप्लाई करेंगे। सहजधारी सिख बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकोंं पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं। हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं। साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग विधायक की हत्या हो गई। उसकी हत्या के झूठे आरोप में उन्हें दो साल जेल में रखा गया। वह इस मामले में 2018 में बरी हुए।केवल 36 घंटे रहे विधायक

बलदेव सिंह पर 2016 में अपनी ही पार्टी के विधायक सूरण सिंह की हत्या का आरोप लगा। उन्हें जेल में डाल दिया गया। पाकिस्तान कानून के मुताबिक अगर विधायक (पाकिस्तान में इन्हें एमपीए कहा जाता है) की मौत हो जाए तो इसी पार्टी के दूसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार को विधायक बना दिया जाता है। हत्या के बाद उन्हें जेल में डाल देने के कारण वह एमपीए की सौगंध नहीं ले सके। विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के दो दिन पहले उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। वह विधानसभा में शपथ लेकर 36 घंटे के लिए विधायक रहे।

खन्ना की भावना से 2007 में हुई थी शादी

बलदेव की शादी 2007 में खन्ना की रहने वाली भावना से हुई थी। शादी के समय वह पार्षद थे और बाद में विधायक बने। इन दिनों वह खन्ना के समराला मार्ग पर स्थित मॉडल टाउन में दो कमरों के किराए के मकान में अपने परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं। उनका ससुराल परिवार भी मॉडल टाउन में ही रहता है।

11 साल की बेटी थैलेसीमिया से पीड़त, पाक में सेहत सेवाएं नाकाफी

बलदेव की पत्नी भावना अभी भी भारतीय नागरिक है। दो बच्चे 11 साल की रिया और 10 साल का सैम पाकिस्तानी नागरिक हैं। बेटी रिया थैलेसीमिया से पीड़त है और उसका इलाज चल रहा है। बलदेव का कहना है कि पाकिस्तान में सेहत सुविधाएं नहीं के बराबर हैं और अगर हैंं भी तो इलाज बहुत महंगा है। रिया का हर 15 दिन में खून बदला जाता है।

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