जेएनए्र, रायकोट : गांव गोबिदगढ़ की घटना के विरोध में बरनाला चौक पर किसानों द्वारा पुलिस के खिलाफ लगाया गया अनिश्चितकालीन धरना आखिरकार पुलिस अफसरों के आश्वासन के बाद खत्म कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा और सहयोगी किसान जत्थेबंदियों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक जाम कर धरना लगाया था। धरना खत्म करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि एसपी (डी) जगराओं और डीएसपी रायकोट ने आरोपित चार पुलिसकर्मियों, गुरसेव सिंह (चौकी इंचार्ज), प्यारा सिंह और सुरिन्दर सिंह (एएसआई रायकोट) और मनजिदर सिंह (मुंशी) को लाइन हाजिर करने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर डीएसपी रायकोट गुरबचन सिंह ने कहा कि मामले को विभागीय तौर पर देख रहे हैं और पड़ताल के बाद ही कोई ़फैसला लिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 21 जुलाई को जलालदीवाल पुलिस चौकी ने एक घरेलू विवाद को हल करने में एक पक्ष का साथ दिया और विरोध करने पर पुलिस व ग्रामीणों में टकराव हुआ था। इस दौरान पुलिस ने लोगों के साथ दु‌र्व्यवहार किया। उधर, पुलिस का कहना था कि मामले की जांच को पहुंची पुलिस के साथ लोगों ने दु‌र्व्यवहार किया और उन पर हमला किया। इसके बाद पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। साथ ही दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद वह जमानत पर रिहा हुए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना की रात चार थानों की पुलिस ने लोगों की जमकर पिटाई की थी। उसके बाद लोगों ने दो बार जलालीदवाल चौक जाकर प्रदर्शन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दो बार लोगों का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी लुधियाना देहाती से भी मिला और केस दर्ज करने की अपील की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की। निर्दोष परिवार को न्याय दिलाने के लिए उन्हें मजबूरन रास्ता जाम करना पड़ा।

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता डकोंदा के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट मनजीत सिंह धनेर, •िाला प्रधान जगराज सिंह हरदासपुरा, •िाला प्रधान महेन्दर सिंह कमाल पूरा, कंवलजीत खन्ना, •िाला सचिव इन्द्रजीत सिंह धालीवाल, गुरप्रीत सिंह सिधवें •िाला प्रैस सचिव, रणधीर सिंह ब्लाक प्रधान, जगतार सिंह देहड़का ब्लाक प्रधान, तरसेम सिंह , सतबीर सिंह, बलविन्दर सिंह कमालपुरा, तारा सिंह अच्चरवाल आदि नेता उपस्थित थे।

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