जागरण संवाददाता, बठिंडा। Farmers Protest: नरमे की खराब फसल का मुआवजा लेने की मांग काे लेकर किसान यूनियन ने सोमवार को बठिंडा में राज्य स्तरीय धरना लगाया। किसानाें ने डीसी दफ्तर को जाने वाले मिनी सचिवालय के सभी गेट बंद कर दिए। इसके चलते मुलाजिमों को मिनी सचिवालय में ही नजरबंद कर दिया। यहां तक कि सचिवालय में अपने विभिन्न प्रकार के काम करवाने वाले करवाने के लिए आने वाले लोगों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। लाेग परेशान हाेकर दिनभर सड़काें पर भटकते रहे।

यह भी पढ़ें-लुधियाना में विहिप नेता की गिरफ्तारी काे लेकर समराला चाैक जाम, सिख संगठनों ने सड़क पर लगाया लंगर

वाल्मीकि चौक में मुख्य सड़क जाम

बठिंडा मिनी सचिवालय के गेट बंद कर नारेबाजी करते किसान। (जागरण)

किसानों ने वाल्मीकि चौक में मुख्य सड़क को जाम कर दिया है। इसके चलते शहर का सारा ट्रैफिक अस्त व्यस्त हो गया। लोगों को गलियों से घूम-घूमकर जाना पड़ा। किसानों ने ऐलान किया कि जब तक उनको नरमा की खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें-हालीवुड फिल्मों से आइडिया ले नाइट्रोजन से की थी मंगेतर की हत्या, पटियाला मर्डर केस में चौकाने वाला खुलासा

सीएम चन्नी ने की थी मुआवजे की घाेषणा

किसानाें के धरने के कारण लाेगाें काे दिनभर परेशानियाें का सामना करना पड़ा। किसानाें ने रविवार काे ही डीसी दफ्तर के बाहर धरना देने का ऐलान किया था। पिछले दिनाें पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने नरमे की खराब फसल का मुआयना कर किसानाें काे मुआवजा देने की घाेषणा की था। हालांकि इतने दिन बाद भी राहत नहीं मिलने पर किसानाें ने अब विराेध का रास्ता अपना लिया है। गाैरतलब है कि पंजाब के किसान कृषि सुधार कानूनाें काे रद करने की मांग काे लेकर कई महीनाें से दिल्ली में आंदाेलन कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें-Strike In Punjab: पंजाब में मिनिस्टीरियल स्टाफ ने 31 अक्टूबर तक बढ़ाई पेन डाउन हड़ताल, लुधियाना में खजाना दफ्तर के बाहर धरना

Edited By: Vipin Kumar