जगराओं, जेएनएन। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों का संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। अक्टूबर से लेकर 15 जनवरी तक किसान जत्थेबंदियों का संघर्ष लगातार जारी है और पूरे देश के किसान मोदी सरकार द्वारा पारित किए खेती कानूनों को रद करवाने के लिए 50 दिन से दिल्ली के बार्डरों में कड़कती ठंड में सड़कों पर बैठे है।

समूह किसान जत्थेबंदियों का एक ही नारा है कि मोदी सरकार से खेती कानून रद करवा कर ही घरों को वापस आएंगे। मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लोहड़ी पर किसानों ने अपने-अपने ढंग से रोष प्रकट किया। जगराओं के मोती नगर में किसानाें व इलाकावासियों ने लोहड़ी की धूनी में खेती के काले कानूनों की कापियां जलाकर रोष प्रकट किया।

इस मौके पर मजदूर नेता कंवलजीत खन्ना ने कहा कि मोदी सरकार तानाशाही सरकार है और पंजाब के किसान भी किसी से कम नहीं है और वो खेती कानूनों को रद करवा कर ही दम लेंगे। वहीं, गांव चक्र में लोहड़ी पर खेती कानूनों की कापियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी लगाते गांव के किसान, मजदूर व नौजवान व महिलाओं ने कहा कि गांव के लोग संघर्ष में हमेशा आगे रहते है। किसान जत्थेबंदियों ने किसानों को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए 24 जनवरी 2021 को ही दिल्ली आने का निमंत्रण दिया।

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