लुधियाना के दोराहा रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी को मिली मंजूरी, लोगों को 18 साल बाद जाम से राहत
लुधियाना के दोराहा रेलवे क्रॉसिंग पर 18 साल से चली आ रही जाम की समस्या अब खत्म होगी। केंद्र सरकार ...और पढ़ें

कैप्शन: सरकार ने दोराहा रेलवे क्रॉसिंग ब्रिज के निर्माण को दी मंजूरी (जागरण)
HighLights
दोराहा रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण को मंजूरी मिली।
70 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा यह ओवर ब्रिज।
18 साल से चली आ रही जाम की समस्या होगी खत्म।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। लगभग 18 वर्षों से जाम और अव्यवस्था की मार झेल रहे लुधियाना और आसपास के लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने दोराहा रेलवे क्रासिंग पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना पर करीब 70 करोड़ रुपये किए जाएंगे। केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। दोराहा रेलवे क्रासिंग दिल्ली-जम्मू रेल सेक्शन पर स्थित है, जहां से प्रतिदिन करीब 190 ट्रेनें गुजरती हैं। फाटक बार-बार बंद रहने के कारण यहां घंटों जाम लगता है। अब आरओबी बनने से लोगों को इस परेशानी से स्थायी राहत मिलेगी। साल 2007 में दोराहा से रूपनगर तक फोरलेन परियोजना शुरू हुई थी।
सड़क तो बन गई, लेकिन रेलवे क्रासिंग (164-ए) पर आरओबी न बनने के कारण करीब आधा किलोमीटर सड़क अधूरी रह गई। निर्माण कंपनी ने स्पोर्टिंग वाल तैयार कर दी थी, लेकिन विवाद के कारण आगे काम रुक गया। नतीजा यह रहा कि लुधियाना से चंडीगढ़ और रोपड़ जाने वाले लोगों को रोज जाम, डायवर्जन और समय की बर्बादी झेलनी पड़ी। बरसात में जलभराव ने हालात और खराब कर दिए।
आरओबी बनने से समराला चौक पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। चंडीगढ़ रोड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अगर साहनेवाल एयरपोर्ट और सुए रेलवे क्रासिंग पर भी आरओबी बन जाए तो दिल्ली रोड और चंडीगढ़ रोड सीधे जुड़ जाएंगे। राहुल वर्मा, ट्रैफिक विशेषज्ञ
लोगों को क्या फायदा होगा
- चंडीगढ़ और रोपड़ जाने वालों को फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा
- रोजाना लगने वाला जाम खत्म होगा
- ईंधन और समय दोनों की बचत
- शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी
- व्यापार और आवाजाही को मिलेगा बड़ा बूस्ट
2024 में बना था बड़ा राजनीतिक मुद्दा
साल 2024 में यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका था। रेल राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू ने पंजाब सरकार पर एनओसी न देने का आरोप लगाया और दोराहा में धरना भी दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायकों ने पलटवार करते हुए कहा कि एनओसी जारी हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार फंड जारी नहीं कर रही। अब केंद्र द्वारा 70 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ तस्वीर साफ हो गई है कि परियोजना अब जमीन पर उतरेगी।
