जासं, जगराओं : कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ रेलवे स्टेशन जगराओं की पार्क में किसान संगठनों का धरना अभी भी जारी है। किसानों का कहना है कि चाहे मालगाड़ियों व पैसेंजर ट्रेनें चलाने के लिए 10 दिसंबर तक की छूट दी गई है पर यह केवल उतनी देर है जब तक मोदी सरकार इन काले कानूनों को रद नहीं करती। किसान नेता इंद्रजीत सिंह, सरबजीत सिंह रूमी, सुखदेव सिंह चाहल ने कहा कि दिल्ली कूच के लिए गांवों में किसानों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। फंड, लंगर, राशन, बालन के प्रबंध कर लिए गए है। ब्लाक सचिव जगतार सिंह देहड़का ने कहा कि 26 नवंबर को सुबह चलकर घनौरी तक पहुंचना है और वहां से दिल्ली कूच किया जाएगा।

एक्ससर्विसमैन यूनियन के सचिव सुखविदर सिंह ने पूर्व फौजियों की ओर से पूर्ण सहयोग देने का भी भरोसा दिया है। पूर्व फौजी सुखविदर सिंह ने कहा कि अगर आज हम कृषि भी कारपोरेट सेक्टर को सौंप देंगे तो देश में खाने की कमी हो जाएगी, क्योंकि कारपोरेट सेक्टर वाले किसानों का खून चूस लेंगे। ऐसे में उनको अपनी फसलों की पूरी कीमत नहीं मिलेगी। इसलिए जरूरी है जैसे देश की सीमा पर फौजी खड़े होकर देश को दुश्मनों से बचाते हैं, वैसे ही देश के अन्नदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए पूर्व फौजी उनका पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

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