जागरण संवाददाता, लुधियाना। विजिलेंस कार्रवाई के खिलाफ सूबे के रेवेन्यू अफसर 23 नंवबर से लगातार हड़ताल पर हैं। रेवेन्यू अफसरों ने अपनी हड़ताल 7 दिसंबर तक बढ़ा दी। रेवेन्यू अफसरों के साथ डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों के कर्मचारी और पटवारी भी हड़ताल पर हैं। रेवेन्यू अफसरों, कर्मचारियों और पटवारियों की हड़ताल के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सोमवार को डीसी दफ्तर के कर्मचारियों ने भी सात दिसंबर तक यानी मंगलवार तक सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल पर रहने का फैसला किया है। सोमवार को डीसी दफ्तर के मुलाजिम सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल पर रहे।

हड़ताल के कारण सेवा केंद्रों से लोगों के आवेदन अटक गए हैं। क्योंकि ज्यादातर दस्तावेज तहसीलदार जारी करते हैं। इसके अलावा हर तरह के दस्तावेजों पर पटवारी रिपोर्ट करते हैं। पटवारी भी हड़ताल पर हैं ऐसे में आवेदनों की रिपोर्ट भी नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से लोगों को दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं। डीसी दफ्तर इंप्लाइज यूनियन का कहना है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कर्मचारियों की मांग को हल्के में ले रहे हैं।

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मंगलवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हाेगा फैसला

यूनियन के जिला प्रधान विकास जुनेता ने कहा कि मंगलवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी और बैठक में फैसला लिया जाएगा कि हड़ताल आगे जारी करनी है या नहीं। उन्होंने का यूनियन अलग जो एक्शन जारी करेगी उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब छह माह से मुलाजिम अलग-अलग मांगों को लेकर हड़ताल करते रहे हैं लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही। गाैरतलब है कि अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुलाजिमाें ने धरने-प्रदर्शन तेज कर दिए हैं।

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Edited By: Vipin Kumar