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महंगी हुई साइकिल की सवारी, कच्चे माल के दाम बढ़ने से बढ़ी लागत; जानें अब कितने में मिलेगी?

By Munish SharmaEdited By: Nitish Kumar Kushwaha
Published: Fri, 03 Apr 2026 02:45 PM (GMT+05:30)

कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के चलते लुधियाना के जी-13 बाइसिकल फोरम ने साइकिलों के दाम बढ़ाने का फैसला किया ...और पढ़ें

कच्चे माल की महंगाई से साइकिलें होंगी महंगी, जी-13 फोरम का बड़ा फैसला। एआई जेनरेटेड तस्वीर (सोर्स- जेमिनी)

कच्चे माल की महंगाई से साइकिलें होंगी महंगी, जी-13 फोरम का बड़ा फैसला। एआई जेनरेटेड तस्वीर (सोर्स- जेमिनी)

HighLights

  1. जी-13 फोरम ने साइकिलों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया

  2. स्टील, प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की लागत में वृद्धि मुख्य कारण

  3. कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू, 15 अप्रैल को समीक्षा होगी

मुनीश शर्मा, लुधियाना। साइकिल उद्योग में कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आज जी-13 बाइसिकल फोरम की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें उद्योग से जुड़े प्रमुख सदस्यों ने मौजूदा स्थिति पर गंभीर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बढ़ती लागत का असर कम करने के लिए साइकिलों की कीमतों में श्रेणीवार बढ़ोतरी की जाएगी।

फोरम के अनुसार, हाल के दिनों में स्टील, प्लास्टिक, टायर-ट्यूब, ब्रास और निकेल जैसे कच्चे माल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर साइकिल निर्माताओं पर पड़ रहा है। उद्योग जगत का कहना है कि यदि समय रहते कीमतों में संशोधन नहीं किया गया, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

नई दरों के अनुसार स्टैंडर्ड साइकिलों की कीमत में 235 रुपये, एमटीबी और लेडीज साइकिलों में 260 रुपये, किड्स साइकिलों में 225 रुपये तथा मल्टीस्पीड साइकिलों में 350 रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी। यह बढ़ोतरी तुरंत प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि बढ़ती लागत का संतुलन बनाया जा सके।

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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कच्चे माल की कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके लिए 15 अप्रैल को फिर से समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। यदि उस समय तक कच्चे माल के दामों में वृद्धि का यही रुख जारी रहता है, तो परिस्थितियों के अनुसार प्रति साइकिल 100 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी की जा सकती है।

फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि वैश्विक बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और कुछ हद तक जमाखोरी के कारण कच्चे माल के दामों में तेजी आई है। इसका असर केवल निर्माताओं पर ही नहीं, बल्कि अंततः उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।

इस मौके पर फोरम के अध्यक्ष राजिंदर जिंदल, महासचिव रोहित पाहवा और कोऑर्डिनेटर उमेश नारंग ने कहा कि उद्योग को मौजूदा परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता आएगी, जिससे उद्योग को राहत मिल सकेगी।