जागरण संवाददाता, लुधियाना :

औद्योगिक नगरी के उद्यमी देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं। हर साल करोड़ों रुपये का घाटा सहन कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा के क्षेत्र में काम नहीं कर पा रहे हैं। अगर उद्यमी ठान लें कि क्राइम फ्री इंडस्ट्रीयल इलाकों का निर्माण करना है, तो इस काम में पुलिस का सहयोग करें। उद्यमियों को व्यापार की चुनौतियों की तरह सुरक्षा को लेकर भी सजग रहना होगा। यह कहना है कि पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह का। वह वीरवार को फोकल प्वाइंट फेज पांच स्थित चेंबर आफ इंडस्ट्रीयल एंड कमर्शियल अंडरटेकिग (सीआइसीयू) में उद्यमियों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों की भाषा में ही उन्हें इंडस्ट्री को सुरक्षित बनाने के टिप्स दिए।

सीपी ने कहा कि सुरक्षा के लिए उद्यमियों को आगे आकर कैमरे लगवाने, सिक्योरिटी गार्ड रखने और खाली प्लाटों में लाइटिग की व्यवस्था करनी होगी। इस पर कुछ खर्च जरूर होगा लेकिन बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। पुलिस फोकल प्वाइंट की मैपिग करवा रही है। आने वाले दिनों में झुग्गियों को हटाकर अवैध तरीके से पार्क किए जाने वाले ट्राले भी उठा दिए जाएंगे। इंडस्ट्रीयल इलाकों को जोन में बांटा जाएगा। सीपी ने कहा कि जिन उद्यमियों के यूनिट खाली इलाकों में हैं वह आर्म लाइसेंस बनवाएं। उन्हें सुरक्षा की जरूरत होती है। इस अवसर पर उद्यमी उपकार सिंह आहुजा, पंकज शर्मा, विनोद थापर, हितेश डंग, रजनीश बांसल, गुरमीत कुलार, टीआर मिश्रा, अशप्रीत साहनी, जेएस भोगल, राहुल आहुजा और जय ढींगरा भी मौजूद थे।

---

उद्यमियों ने बताई समस्याएं

- फोकल प्वाइंट एरिया में वेतन के दिनों में अधिक होती है लूटपाट और छीनाझपटी।

- इंडस्ट्रीयल इलाकों में पुलिस पोस्ट बनाने के साथ पैट्रोलिग बढ़ाई जाए।

- शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

---

बिना वजह नहीं चेक होंगे दस्तावेज :

डीसीपी दीपक पारिक ने इस अवसर पर कहा कि अब चेकिंग के नाम पर बिना वजह दस्तावेजों की जांच बंद की जाएगी। सिर्फ नियम तोड़ने वालों के चालान किए जा रहे हैं। ट्रैफिक में 33 प्रतिशत फोर्स में इजाफा किया गया है। दो हजार नए बैरिकेड बनवाए गए हैं। टोइंग को चार गुना किया जा रहा है। अब दस नाके लगाकर शहर को कवर किया जाएगा।

---

सुरक्षा को लेकर सजग हों उद्यमी :

एडीसीपी रूपिदर कौर सरां ने कहा कि पुलिस ने औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर इंडस्ट्रीयल इलाकों का एक डाटा तैयार किया है। इसमें सामने आया है कि फोकल प्वाइंट में 2136 यूनिट हैं। पेज आठ में सबसे अधिक 528 यूनिट हैं। मात्र 1223 यूनिट्स के पास सिक्योरिटी है। 1155 में कैमरे लगे हैं। किसी भी कारखाने में फ्लैश लाइट्स नहीं है।

Edited By: Jagran