लुधियाना, [आशा मेहता]। Covid-19 Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे ने हड़कंप मचा दिया है। सेहत विभाग भी इसके खतरे को देख सतर्क हो गया है। सिविल सर्जन ने सोमवार को सभी एसएमओ, कोरोना जांच करने वाले निजी अस्पतालों और प्राइवेट लैब संचालकों को नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि अब जो भी लोग कोविड पाजिटिव पाए जाएंगे उनके सैंपल सिविल अस्पताल भेजे जाएंगे। इन सभी के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग (वायरस के बदले रूप का पता लगाने की विधि) के लिए भेजे जाएंगे। निजी अस्पतालों व लैब संचालक विदेश से आए किसी भी व्यक्ति के पाजिटिव आने की सूचना तुरंत सेहत विभाग को देंगे। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।

बेंगलुरु से लौटे 2 छात्र पाजिटिव आने से मचा हड़कंप, दो माइक्रो कंटेनमेंटजोन बने

जिले में रविवार को बेंगलुरु से लौटे 2 छात्र कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। यह छात्र बीआरएस नगर और एसबीएस नगर के रहने वाले हैं। दोनों बेंगलुरु में पढ़ते हैं। जिस स्कूल में वह पढ़ रहे थे, वहां करीब 50 छात्र पाजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद स्कूल ने पाजिटिव छात्र के संपर्क में आने वाले अन्य छात्रों के सैंपल लेकर उन्हें घर भेज दिया है। वहां हुई जांच में दोनों नेगेटिव पाए गए थे लेकिन पांचवें दिन हुई जांच में दोनों पाजिटिव निकले हैं। वहीं सेहत विभाग ने सोमवार को रिशी नगर और राजगुरु नगर को माइक्रोकंट्रेनमेंट जोन बना दिया है। इन दोनों इलाकों में रहने वाले एक परिवार के दो-दो लोग पाजिटिव आए थे।

विदेश से आने वालों की होंगी दो श्रेणियां

ए श्रेणी : ओमिक्रोन से प्रभावित देशों से आने वाले लोंगों को ए श्रेणी में रखा गया है। इन लोगों को होम क्वारंटाइन में रखने, आठवें दिन सैंपल लेने और पाजिटिव आने पर सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजने को कहा गया है। नेगेटिव आने के बाद भी 14 दिन तक उन लोगों को घर पर रहना होगा।

बी श्रेणी : इस श्रेणी में विदेश से आने वाले उन लोगों को रखा जाएगा जहां अब तक कोरोना का नया वैरिएंट नहीं मिला है। इन लोगों को 14 दिन तक सेल्फ मानिटर करना होगा। आठवें दिन कोविड की जांच करवानी होगी। अगर कोई पाजिटिव पाया जाता है तो उसके सैंपल को भी जीनोम सिक्वेंसिग के लिए भेजा जाएगा। विदेश से आने वाले लोगों के घर सेहत विभाग की आरआरटी टीमें भी जाएंगी।

Edited By: Vipin Kumar