लुधियाना, [आशा मेहता]। कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद अब तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि तीसरी लहर सितंबर में आएगी, तो कुछ का कहना है कि अक्तूतर में आ सकती है। वहीं दूसरी तरफ पिछले डेढ़ साल से प्रीडेक्टिव माडलिंग (लाजिस्टिक माडलिंग) के जरिए कोरोना ट्रेंड का आकलन कर रहे क्रिश्चन मेडिकल कालेज एंड अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के हैड डा. क्लारेंस जे सैमिउल का कहना है कि जरूरी नहीं है कि इस साल तीसरी लहर आए और यह भयावह रूप दिखाएं।

अगर हम देश की बड़ी आबादी को वैक्सीनेट कर दें और कुछ सावधानियां बरते तो तीसरी लहर को आने से रोक सकते हैं या फिर इसकी अवधि और तीव्रता काे कम कर सकते हैं। डा. क्लारेंस जे सैमिउल की ओर से अब तक जिले व पंजाब में कोरोना ट्रेंड को लेकर जो भी आकलन लगाए गए हैं, वह सही साबित हुए हैं। डा. क्लारेंस कहते हैं कि उनके हिसाब से अलगे साल ही तीसरी लहर आ सकती है। क्योंकि इस बार फरवरी से लेकर अब तक की दूसरी लहर में जब वायरस तेजी से फैला तो बड़ी जिले की, पंजाब की एक बड़ी आबादी संक्रमित हो चुकी है। इनमें से बड़े स्तर पर ऐसे संक्रमित भी होंगे, जिनका टेस्ट नहीं हो पाया या जिन्होंने टेस्ट नहीं करवाया। एेसे में जो संक्रमित हो चुके हैं, उनमें कम से कम छह महीने तक वायरस के खिलाफ लड़ने की इम्यूनिटी या एंटीबाडी हो चुकी होगी।

पहली लहर में चार से छह महीने की एंटीबाडी है। दूसरी लहर में अभी नहीं पता, लेकिन तब भी यह मानकर चलें कि कोरोना होने के छह महीने तक एंटीबाडी रहती है। वहीं इस दौरान हम जून, जुलाई, अगस्त के तीन महीनों में ज्यादा से ज्यादा आबादी को वैक्सीनेट कर दें, तो हिसाब से भी तीसरी लहर के दिसंबर के बाद आने की संभावना रहेगी। हालांकि तीसरी लहर तब आएगी, जब हमारे पब्लिक हेल्थ मेजर पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। अभी सारा फोक्स क्लीनिकल साइड पर चल रहा है। वेंटिलेटर, पीडियाट्रिक वार्ड व अन्य बातों पर ध्यान दिया जा रहा है। जबकि पब्लिक हेल्थ मेजर पर सबसे अधिक फोकस करने की जरूरत है।

इसका कोई भी केस आता है, तो उसमें अच्छी तरह से कांटेक्ट ट्रेसिंग हो। फोलोअप, रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत हो। दूसरा कुछ दिनों बाद जब एयरपोर्ट खुल जाएगा, तो अलग अलग देशों से काफी विजिटर्स आएंगे और ट्रेवलिंग फिर से शुरू हो जाएगी। उनका क्वारंटाइन व आइसोलेशन वो बहुत ही जरूरी है। अगर वहां पर लापरवाही होगी, तो तीसरी लहर अगले महीने भी शुरू हो सकती है।

तीसरी लहर का मतलब क्या

तीसरी लहर का मतलब क्या है, यह समझना जरूरी है। इसका मतलब यह है कि एक वायरस, जिसके अगेस्ट हमारी इम्यूनिटी नहीं है। जिसे इम्यूनिटी एस्केप कहते हैं। इम्यूनिटी एस्केप हैै, साउथ अफ्रीका वायरस। अभी तक हमारे यहां जो वायरस है, उसके खिलाफ इम्यूनिटी के लिए वैक्सीन है। लेकिन, साउथ अफ्रीका वेरिएंट और दूसरे इंफेक्शन से यह वैक्सीन बचाव नहीं करती। इसी तरह ब्राजील में भी है। अगर वह वायरस यहां पर जाता है, तो तीसरी लहर शुरू हो जाएगी। अगर पब्लिक को बचाना है, तो जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनकी टेस्टिंग, क्वारंटाइन, आइसोलेशन, सेपरेशन पूरी गंभीरता, सजगता, इमानदारी और सख्ती से करना होगी। खासकर, जो हाई रिस्क एरिया से आ रहे हैं, उन पर तो बहुत अधिक फोक्स करना होगा। क्योंकि हम देख चुके हैं कि बहुत से लोग विदेशों से आएं, कोरोना संक्रमित थे, लेकिन फिर भी वह घूम रहे थे, अपने दोस्तों को नहीं बताया। इसलिए विदेशों से लौटने वालों पर कड़ी नजर रखनी होगी।

 

Edited By: Vikas_Kumar