लुधियाना, [आशा मेहता]। पिछले साल जब कोरोना महामारी ने दस्तक दी तो अधिकतर मरीज 45 साल से अधिक उम्र वाले मिल रहे थे। कोरोना की दूसरी लहर में ऐसा नहीं है। इस लहर में बच्चे और युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। कारण, कोरोना का नया स्ट्रेन युवाओं और बच्चों के लिए भी काफी खतरनाक है।

सेहत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और किशोरों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने का सबसे बड़ा कारण घर के बड़ों की लापरवाही है। अभिभावकों की वजह से बच्चे व किशोर भी संक्रमित हो रहे हैं। अभिभावक घर से बाहर जाने और वापस आने पर कोरोना से बचाव से संबंधित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि संक्रमण बढ़ रहा। पहले घरों में बड़े संक्रमित हो रहे हैं, उन्हीं के संपर्क में आकर बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं।

एक जनवरी से 31 मार्च तक मरीज

उम्र वर्ग          मरीज

01-10 साल        85

11-15 साल        670

16-20 साल        330

21-30 साल       1500

30-40 साल       1700

41-50 साल       1735

51-60 साल       1550

60 से अधिक      2200

कुल मरीज        9770

पहली लहर में बच्चों पर प्रकोप कम था : डा. एसएस सीबिया

दीपक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डा. एसएस सीबिया कहते हैं कि कोरोना की इस लहर में युवा और बच्चे तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। पिछली लहर में ऐसा नही था। पिछले सप्ताह ही उनके पास डेढ़ साल, दस साल और ग्यारह साल की उम्र के कोरोना संक्रमित तीन बच्चे आए। तीनों अपने पेरेंट्स के संपर्क में आकर संक्रमित हुए थे। हिस्ट्री में पता लग रहा है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद भी अभिभावकों ने बच्चों से दूरी नहीं बनाई। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।

परिवार के एक सदस्य से दूसरे तक तेजी से फैल रहा वायरस : डा. विनय सिंघल

फोर्टिस अस्पताल लुधियाना क्रिटकिल केयर के एडिशनल डायरेक्टर डा. विनय सिंघल कहते हैं कि इस बार कोरोना वायरस ने बड़ों के साथ-साथ बच्चों को तेजी संक्रमित किया हैं। कोरोना संक्रमण परिवार के किसी एक सदस्य को होने पर तेजी से पूरे परिवार को संक्रमित कर रहा है। यही वजह है कि इस बार बच्चे व युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई मामलों में बच्चों के माता-पिता को लक्षण नहीं होता। ऐसे में बच्चे उनके संपर्क में रहते हैं और वे भी संक्रमित हो जा रहे हैं।

पार्टी व भीड़ वाली जगहों पर जाने से गुरेज करें: डा. मनीत कौर

मेडिसन विशेषज्ञ डा. मनीत कौर कहती हैं कि कोरोना के नए मरीजों में 20-40 साल के लोग अधिक हैं। ये लोग बाहर घूमते हैं। इनमें लक्षण नहीं आ रहे, लेकिन जांच में वायरल लोड अधिक है। अब वो दिन जा चुके हैं, जब कोरोना उम्रदराज लोगों को अपनी चपेट में ले रहा था। जिले में स्थिति खराब हो रही है। लोगों से अपील है कि वे मास्क पहनें, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहें। जरूरी न हो तो घर से बाहर निकलने, पार्टी व भीड़भाड़ में जाने से बचे।

संक्रमित बच्चों में बुखार व दस्त की शिकायत: डा. कमल अरोड़ा

डीएमसीएच के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कमल अरोड़ा कहते हैं कि उनके यहां ओपीडी में आने वाले 50 से 60 प्रतिशत बच्चे कोविड पाजिटिव आ रहे हैं। इन बच्चों में बुखार व दस्त की शिकायत होती है। ये सभी बच्चे अपने अभिभावकों की वजह से ही संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। राहत की बात ये है कि 90 फीसद बच्चे बिना भर्ती किए ही साधारण इलाज से ठीक हो रहे हैं।

 

 

 

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