लुधियाना, [आशा मेहता]। कोरोना की दूसरी लहर बहुत खतरनाक साबित हो रही है। वायरस का नया स्ट्रेन अब गर्भ में पल रहे शिशुओं के लिए घातक साबित हो रहा है। लुधियाना में अब तक ऐसे नौ मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें कोरोना ने पहले गर्भवती को चपेट में लिया और फिर गर्भ में पल रही जिंदगी को जकड़ लिया।

वायरस के कारण छह गर्भवती महिलाओं के पेट में ही बच्चे की मौत हो गई। तीन महिलाओं की डिलीवरी के बाद उनके नवजात कोरोना संक्रमित पाए गए। यह सभी मामले दयानंद मेडिकल कालेज एंड अस्पताल (डीएमसीएच) लुधियाना में सामने आए हैं। अस्पताल के गायनी डिपार्टमेंट की हेड डा. आशिमा तनेजा का कहना है कि यह सभी मामले पिछले एक महीने में आए हैं। उनके पास इमरजेंसी में गंभीर हालत में छह गर्भवती महिलाएं पहुंची। जांच में सभी संक्रमित पाई गई।

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एक महिला पांच माह, दूसरी छह, तीसरी सात माह की गर्भवती थी। दो महिलाएं आठ और एक नौ महीने की गर्भवती थी। इमरजेंसी में इन महिलाओं की डिलीवरी करवाई गई तो कोविड के कारण गर्भ में ही शिशुओं की मौत हो चुकी थी। हालांकि उन शिशुओं के कोरोना टेस्ट नहीं किए थे, लेकिन डाक्टरों का मानना है कि जिस तरह तीन अन्य मामलों में डिलीवरी के तुरंत बाद किए टेस्ट में नवजात कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं उससे साफ है कि गर्भ में ही वह संक्रमित हो रहे हैं।

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डिलीवरी के कुछ दिन बाद दो महिलाओं की भी मौत हो गई, जबकि चार अब भी वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं। दूसरी ओर तीन अन्य मामलों में जब डिलीवरी करवाई गई तो उनके नवजात कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। सभी नवजात निगरानी में रखे गए थे। दो महिलाएं ठीक होकर शिशुओं को लेकर घर जा चुकी हैं, जबकि एक महिला वेंटीलेटर पर है।

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पहली लहर में ऐसा नहीं था : डा. आशिमा

डा. आशिमा तनेजा का कहना है कि पहली लहर में ऐसा नहीं था। गर्भवती अगर संक्रमित होती थी तो गर्भ में पल रहे शिशु तक वायरस नहीं पहुंच रहा था। दूसरी लहर में वायरस के नए स्ट्रेन के कारण गर्भवती महिलाएं गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच रही हैं। कोरोना के कारण कई शिशुओं की पेट में ही मौत हो जा रही है। कई शिशु पैदा होते ही कोरोना पाजिटिव पाए जा रहे हैं। यह चिंता की बात है।

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महिलाएं प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले वैक्सीनेट करवाएं

डा. आशिमा तनेजा ने बताया कि महिलाओं को प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले खुद को वैक्सीनेट करवा लेना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर भी मास्क पहनकर रहना चाहिए। अगर अस्पताल में जांच के लिए जा रही हैं तो थ्री लेयर मास्क पहनें। हैंड सैनिटाइज करें। परिवार के दूसरे लोग भी जो घर से बाहर जाते हैं वह गर्भवती से दूरी बनाकर रखें। गर्भवती के पास जाने से पहले नहाएं, मास्क पहनकर रखें। अगर किसी को कोरोना के लक्षण हैं तो वह खुद को आइसोलेट कर ले। 

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