जगराओ, जेएनएन। कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल जगराओ में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों के खानपान व रहन-सहन की जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होती है, ऐसे में अभी तक सिविल अस्पताल में जितने भी कोरोना पोजिटिव मरीज भर्ती हुए उनको अस्पताल की अोर से खाना मिलता था। इसके लिए जगराओं प्रशासन द्वारा कुक को भुगतान करना पड़ता था। लेकिन अभी तक मरीजों को खाना देने वाले सिविल अस्पताल जगराओं के कुक को बिल के पास नहीं दिए गए।

लॉकडाउन में गरीब व जरूरतमंद परिवार हो या अस्पताल में भर्ती मरीज, सभी का पेट समाज के दानी सज्जनों द्वारा भरा गया। लेकिन सिविल अस्पताल की कैंटीन के कुक को पिछले लंबे समय से कोरोना मरीजों को खाना देने के पैसे नहीं दिए गए। कैंटीन के ठेकेदार ने सिविल अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि उसके बकाया बिल का भुगतान न किया गया तो वह शुक्रवार को कोरोना पीड़ित मरीजों को खाना नहीं देगा। बिल के भुगतान के लिए ठेकेदार रामू ने सिविल अस्पताल के अधिकारियों को कई बार कहा लेकिन जब बिल की अदायगी नही हुई तो कैंटीन का ठेकेदार एसडीएम जगराओ नरिंदर सिह धालीवाल के पास पहुंचा।

एसडीएम नरिंदर सिंह धालीवाल ने एसएमओ डा.सुखजीवन ककड़ से जानकारी लेकर चार हजार रुपये का चेक का भुगतान किया। एसडीएम धालीवाल ने कुक को चेक देते हुए कहा कि भविष्य में हरेक बिल की अदायगी समय पर होगी लेकिन वह कोरोना मरीजों के खानपीन में कोई लापरवाही न बरतें इस संबंध में एसएमओ डा.ककड़ ने कहा कि बाद दोपहर कुक के बिल का भुगतान कर दिया गया है।

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