लुधियाना, जेएनएन। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंकित ऐरी की अदालत में कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ मारपीट व धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दायर केस में कथित कांग्रेस कार्यकर्ता व पीड़ित गुरसेवक सिंह के पिता सौदागर सिंह के बयान दर्ज किए गए। बाकी गवाहियां 26 नवंबर को दर्ज होंगी। दाखा विधानसभा हलके पर हो रहे चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन संदीप संधू के चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर पार्टी वर्कर गुरसेवक सिंह से मारपीट व बेअदबी का मामला तूल पकड़ गया था। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में मंत्री भारत भूषण आशु, कुलदीप सिंह, अमरजोत सिंह व पुलिस के एएसआइ जगदीश पर गंभीर आरोप लगाते हुये विभिन्न धाराओं 295-ए, 323, 365, 506 व 34 आइपीसी के तहत दायर अपनी शिकायत में आशु व अन्य पर मारपीट, किडनैपिंग व धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक उनका बेटा गुरसेवक एक अमृतधारी सिख है। वह कांग्रेस का समर्थक है। उसकी गांव के पूर्व सरपंच अमरजोत सिंह से गुटबाजी के चलते रंजिश थी। सौदागर के मुताबिक अमरजोत आप का समर्थक था, लेकिन सरकार बनने पर वह कांग्रेस में शामिल हो गया और मंत्री का नजदीकी है। सौदागर का आरोप है कि कैप्टन संधू से नजदीकी की होड़ में अमनजोत ने आशु से कहकर गुरसेवक, उसके दोस्त तरनदीप व साथियों को दाखा में कैप्टन के दफ्तर में 12 अक्टूबर को तलब कराया, जहां अमरजोत व उसके साथियों ने इनको गालियां दीं। मौके पर मौजूद मंत्री ने ललकारा दिया कि इनको सबक सिखाओ। इस पर मंत्री के साथियों ने गुरसेवक व उसके दोस्तों को पीटा। इस दौरान मंत्री ने गुरसेवक की पगड़ी उतार दी और अमरजोत ने बचाव कर रहे तरनदीप की पगड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर किडनैपिंग की नीयत से तरनदीप को कार में डालकर ले गए फिर संधू के दफ्तर के बाहर छोड़ गए। विरोध करने पर मंत्री ने पुलिस बुला उनको पकड़वाकर थाने भिजवाया। जहां उन्हें तो देर रात छोड़ दिया, लेकिन उनके बेटे गुरसेवक पर पुलिस ने मोबाइल व चेन चोरी का झूठा केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।

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Posted By: Vikas Kumar

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