जागरण संवाददाता, लुधियाना।  स्मार्ट सिटी में फिर से सिटी बसें दौड़ेंगी, लेकिन अब लोगों को किराये के रूप में जेब ढीली करनी होगी। महंगे पेट्रोलियम उत्पादों के चलते अब सिटी बस का किराया अधिक होगा। पांच किलोमीटर तक यात्रियों को 5 रुपये के बजाय दस रुपये खर्च करने होंगे। उम्मीद है कि 15 दिसंबर तक शहर में सिटी बसें फिर से दौड़ने लगेंगी।

शुक्रवार को मेयर बलकार सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सिटी बस सेवा बहाल करने पर सहमति बनी। अब इस प्रस्ताव को सिटी बस लिमिटेड के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही बसें चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दैनिक जागरण ने शहर में सिटी बस चलाने के मामले को प्रमुखता से उठाया। इसे लेकर नगर निगम प्रशासन पर लगातार दबाव बन रहा था।

उधर, सिटी बस आपरेटर होरिजन ट्रांसवेज ने भी निगम को अपना प्रस्ताव बना कर भेज दिया। कंपनी ने भी कदम आगे बढ़ाए और निगम ने भी। अब यह मुहिम रंग लाई है और लोगों को इसका सीधा फायदा होगा। शहर में कंडम हो रही सिटी बसों को लेकर जमकर राजनीति हुई। नेताओं ने बसों की आरती उतारी। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन सिस्टम न होने के कारण लोगों को भी भारी परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए निगम ने पहल की।

मेयर बलकार सिंह संधू ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुला कर मंथन किया। बैठक में कंपनी की ओर से निगम के खिलाफ अदालत में किए केस को भी वापस लेने पर सहमति बनी। इस दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने किराया बढ़ाने के लिए तर्क दिया कि जब पांच किलोमीटर तक पांच रुपये किराया था, तब डीजल का रेट 35 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन अब डीजल का रेट 84 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। कंपनी ने मिनिमम किराया 15 रुपये करने की मांग की थी, लेकिन सदस्यों ने 10 रुपये ही मंजूर किया।

रूट परमिट निगम लेकर देगा

बैठक में चालीस बड़ी बसें चलाने का फैसला हुआ। हर रूट पर दस बसें चलेंगी। निगम सीमा से बाहर जाने वाली बसों के लिए परमिट नगर निगम लेकर देगा। इसके अलावा कंपनी प्रतिनिधियों ने रूट परमिट को बढ़ाने की भी मांग की गई। निगम खरीदेगा इलेक्ट्रिक बसें बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब निगम भी इलेक्ट्रिक बसों की तरफ झुक रहा है। बैठक में सहमति बनी की निगम के ताजपुर डिपो में खड़ी 37 कंडम सिटी बसों को बेच कर उसकी जगह पर छोटी इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएं। इन बसों को विभिन्न रूट पर चलाया जाएगा। निगम को जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्युअल मिशन के तहत सिटी बस सर्विस मिली थी। निगम ने 62.20 करोड़ रुपये की लागत से सिटी बसों की खरीद की थी।