मुनीश शर्मा, लुधियाना: चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंव कॉमर्शियल अंडरटेकिंग (सीआइसीयू) की ओर से उन डिफाल्टर कंपनियों की सूची बनाई जाएगी, जो लुधियाना के विभिन्न उद्योगों और व्यापारियों के साथ व्यापार कर कई साल तक उनकी पेमेंट नहीं देते। इसकेचलते कई कंपनियों को बैंक के ब्याज भरने सहित घाटे में आकर अपने यूनिट तक बंद करने पड़े। इसलिए एसोसिएशन ऐसी कंपनियों की सूची तैयार कर रही है, जो मैटीरियल लेकर कंपनियों के पैसे नहीं देती। ताकि इससे इंडस्ट्री को अवगत करवाया जा सके और इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा सके। सीआइसीयू के प्रधान उपकार सिंह आहुजा ने कहा कि आए दिन कई कंपनियों की ओर से पैसे न दिए जाने से माइक्रो एंव स्माल यूनिट का दम घुट रहा है। पेमेंट न देने वाली कंपनियों एक पार्टी की पेमेंट दबाकर दूसरी से मैटीरियल लेना शुरू कर देती हैं। ऐसे में कई कंपनियां घाटे में आ चुकी है। इस काताजा उदाहरण एक बड़ी साइकिल कंपनी की ओर से लुधियाना साइकिल उद्योग का करोड़ों रुपये न देना है। अब सीआइसीयू की ओर से इस तरह की कंपनियों का बॉयकाट किया जाएगा। इसके लिए फीडबैक लेकर एक लिस्ट शीघ्र बनाई जाएगी। इसे एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ-साथ इसकी कॉपी सभी कंपनियों को भेज दी जाएगी। बैठक में उपकार सिंह आहुजा, पंकज शर्मा, फूमन सिंह, आनंद कुमार, अशोक कुमार जुनेजा, रजनीश बासल, शामलाल गुप्ता, हरचरण सिंह, गुरचरण सिंह, एके कोहली, भगत सिंह, एसएस आहुजा, मनजीत सिंह लंबा, जगतार सिंह, चरणजीव सिंह, इन्द्रजीत सिंह, जीएस काहलों, रविंदर सिंह सैनी, जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, लोकेश गर्ग, नवीन वर्मा, गौतम मल्होत्रा, रवि कात मिगलानी, गुरमेल सिंह, कुलजीत सिंह, इंद्रपाल सिंह और हितेश डंग उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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