संवाद सूत्र, राजपुरा (पटियाला) Explosion In Punjab: राजपुरा के समीपवर्ती गांव जंडोली के संत नगर में शनिवार सुबह एक घर में हुए धमाके के बाद दो परिवारों के दो बच्चों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उनमें से एक को उपचार के लिए पीजीआइ चंडीगढ़ और दूसरे को पटियाला के राजिंदरा असप्ताल में भर्ती करवाया गया है। सूत्रों के अनुसार जिस घर में विस्फोट हुआ वहां गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाए जाते थे।

पुलिस ने घटनास्थल से करीब 20 किलो पोटाश भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि धमाका पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पोटाश की वजह से हुआ है लेकिन अभी घटना की जांच की जारी है। जांच के बाद ही धमाके के सही कारणों के बारे में पता चल पाएगा। संत नगर के लोगों के अनुसार धमाका इतना जबरदस्त था कि घर की छत उड़ गई और दीवारों में दरारें आ गईं। धमाके के समय दो परिवारों के चार बच्चे 11 वर्षीय मनप्रीत कौर व उसका भाई 13 वर्षीय गुरप्रीत सिंह और पड़ोस में रहने वाली आठ वर्षीय पल्लवी व उसका चार वर्षीय भाई घर में खेल रहे थे। बच्चों के अभिभावक कोरोना वैक्सीन लगवाने गए हुए थे। अचानक धमाका होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने मलबे में दबे चारों बच्चों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। इससे पहले की एंबुलेंस पहुंचती लोग बाइक पर ही घायल बच्चों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।

गांव जंडोली के सरपंच गुरमेल सिंह के अनुसार मनप्रीत कौर को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि पल्लवी ने पीजीआइ चंडीगढ़ पहुंचते ही दम तोड़ दिया। वहीं गुरप्रीत व कृष्ण की हालत गंभीर बनी हुई है। गुरप्रीत का पीजीआइ चंडीगढ़ और कृष्ण का पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतक मनप्रीत की मां मीना देवी अपनी बेटी की मौत के बाद सदमें में है। राजपुरा के डीएसपी गुरबंस ¨सह बैंस ने कहा कि उन्हें सिलेंडर के विस्फोट होने की सूचना मिली थी। परंतु प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस घर में धमाका हुआ है वहां पर पटाखे बनाए जाते थे। घर में विस्फोटक सामग्री थी और इसी कारण धमाका हुआ।

राजपुरा के संतनगर में विस्फाेट के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस। (जागरण)

पंजाब में पहले भी हुए हैं हादसे, दर्जनों लोगों की मौत

राजपुरा के गांव जंडोली में अवैध रूप से पटाखा बनाने के कारण धमाके का यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी राज्य में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में कई हादसों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।

-बटाला (गुरदासपुर) सितंबर 2019 में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई थी।

-सुलरघराट (संगरूर) में में सितंबर 2017 में ऐसी ही फैक्ट्री में धमाके के कारण सात लोगों की मौत हुई थी।

- राजपुरा (पटियाला) की मिर्च मंडी में साल 2012, 2015, 2017 और 2018 में भी ऐसे धमाकों में 12 लोगों की जान जा चुकी है।

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Edited By: Vipin Kumar

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