जागरण संवाददाता, लुधियाना/अमृतसर। CBI Raid In Punjab: विदेश से आए स्क्रैप के कंटेनर को छोड़ने के बदले में 1.30 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ी गई साहनेवाल स्थित ड्राईपोर्ट की एडिशनल कमिश्नर कस्टम पारुल गर्ग और अमृतसर में कस्टम विभाग में तैनात सुपरिंटेंडेंट धर्मवीर के तीन ठिकानों पर सीबीआइ ने दबिश दी। वीरवार को लुधियाना, होशियारपुर व चंडीगढ़ में दी गई दबिश के दौरान सीबीआइ ने एडिशनल कमिश्नर कस्टम पारुल गर्ग के घर से 59.40 लाख रुपये की नकदी तथा कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए।

सुपरिंटेंडेंट धर्मवीर के घर से भी सीबीआइ को 2.60 लाख रुपये और कुछ जरूरी दस्तावेज हाथ लगे हैं।दोनों को वीरवार मोहाली स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया गया। यहां से रिमांड हासिल करके सीबीआइ की टीमें इनसे कड़ी पूछताछ में जुट गई हैं। सीबीआइ के अनुसार मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी की शिकायत पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वह विदेश से स्क्रैप के आयात का पार्टनरशिप में कारोबार करता है।

विदेश से आए स्क्रैप के दो कंटेनर रिलीज कराने के लिए वह अमृतसर कस्टम दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट धर्मवीर से मिला तो उसने 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। उसने शिकायतकर्ता को यह भी बता दिया कि उसमें से एक बड़ा हिस्सा साहनेवाल ड्राईपोर्ट स्थित कार्यालय में तैनात एडिशनल कमिश्नर कस्टम पारुल गर्ग के पास भी जाएगा। बाद में डील 1.30 लाख रुपये में तय हो गई। इसके बाद कारोबारी ने सीबीआइ को शिकायत कर दी।

सीबीआइ ने ट्रैप लगा बुधवार को सुपरिंटेंडेंट धर्मवीर को 1.30 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि साहनेवाल ड्राईपोर्ट स्थित कार्यालय में तैनात एडिशनल कमिश्नर पारुल गर्ग को भी रिश्वत की राशि देनी थी। इसके बाद सीबीआइ ने साहनेवाल स्थित ड्राईपोर्ट पर दबिश देकर पारुल को भी गिरफ्तार कर लिया था।

दहशत के साये में रहा ड्राईपोर्ट का कारोबार

बुधवार को हुई सीबीआइ की दबिश के बाद साहनेवाल समेत लुधियाना के छह ड्राईपोर्ट में दहशत के साये में कारोबार चला। वहां पर दोपहर तक हाजिरी 50 फीसद रही। अधिकारी व कर्मचारी बात करने से भी कतराते रहे। एक कस्टम एजेंट को गिरफ्तार किए जाने की चर्चा रही। इसके अलावा गोबिंदगढ़ से लेकर लुधियाना तक कस्टम एजेंटों के परिसरों पर कस्टम विभाग की छापामारी की चर्चा भी रही।

बताया जा रहा है कि कस्टम विभाग की टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार उसे वीरवार अदालत में पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार वह गेटवे रेल फ्रेट लिमिटेड का मैनेजर है। वह अपनी पत्नी के नाम पर इंपोर्ट फर्म भी चला रहा था, जिसमें विदेश से स्क्रैप मंगवाने की आड़ में वह प्रतिबंधित वस्तुओं का आयात कर रहा था।

 

Edited By: Vipin Kumar