गौरव सूद, पटियाला। Stubble Burning In Punjab: पंजाब में धान कटाई के साथ ही पराली जलाने के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले पांच दिन में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़े हैं। सात अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के 392 मामले थे, वह 12 अक्टूबर तक बढ़कर 925 हो गए हैं। इससे राज्य के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को लुधियाना का एक्यूआइ भी माडरेट से खराब श्रेणी में पहुंच गया है, जबकि शेष शहरों का एक्यूआइ समान्य श्रेणी में है। वहीं पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार ताजा हालात में ज्यादा चिता की बात नहीं है लेकिन अगर पराली जलाने की रफ्तार बढ़ी तो आने वाले दिनों में स्थिति ¨चताजनक हो सकती है।

 - 8, 9 व 10 अक्टूबर को सबसे ज्यादा जली पराली

 15 सितंबर से लेकर 12 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के कुल 925 घटनाएं हुईं। पराली जलाने सबसे ज्यादा 150 मामले 10 अक्टूबर को सामने आए। जबकि आठ अक्टूबर को 108 और नौ अक्टूबर को 114 जगह पराली को आग लगाई गई। - अमृतसर में सबसे ज्यादा जली परालीआंकड़ों के अनुसार अब तक पराली जलाने की 925 में से 355 घटनाएं केवल अमृतसर में हुई हैं। वहीं तरनतारन में 199, पटियाला में 79 और लुधियाना में 69 जगह पराली जलाने की घटनाएं हो चुकी हैं।

प्रमुख शहरों का एक्यूआइ

शहर   12 अक्टूबर

अमृतसर 97

जालंधर 130

लुधियाना 205

मंडी गोबिंदगढ 64

पटियाला 111

रिमोर्ट सेंसिंग सेंटर से रखी जा रही नजर

 गर्ग पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मैंबर सेक्रेटरी करुणेश गर्ग ने बताया कि पराली जलाने वालों पर लुधियाना स्थित रिमोर्ट सें¨सग सेंटर से नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किसानों को पराली ना जलाने को लेकर जागरूक कर रहा है। गांवों में किसानों को जागरूकता वैन भेजकर पराली जलाने से होने वाले नुक्सान और इसके सही निस्तारण के लिए तरीके बताए जा रहे हैं।

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Edited By: Vipin Kumar