लुधियाना, जेएनएन। लगभग आठ माह पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा छोटे उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए ईबे बिल पर एक लाख रुपये की लिमिट को समाप्त करने से कारोबारियों में रोष है। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मेहरा, सचिव महिंदर अग्रवाल, लुधियाना चेयरमैन पवन लहर ने बताया कि 31 जनवरी 2019 को पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के साथ हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कुछ घोषणाएं की थी, जिसमें पंजाब में छोटे उद्योग व व्यापार के लिए ईबे बिल में एक लाख की लिमिट कर दी थी। अब 13 सितंबर को वह लिमिट समाप्त कर दी गई। पहले ही कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है और ऐसे में यह राहत बंद होने से संकट बढ़ गया है।

पदाधिकारियों ने कहा कि इससे अफसरशाही व्यापारियों पर भारी पड़ जाएगी, इसलिए सरकार को एक लाख लिमिट को जारी रखने का आदेश जल्द जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की बेहतरी के लिए ट्रेड बोर्ड बनाने और उद्योगों के लिए बिजली पांच रुपये प्रति यूनिट करने की घोषणा की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणाएं कागजी सिद्ध हुई। व्यापारी सरकार की नीतियों से तंग आकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजाने की तैयारियां कर रहे हैं।

दूसरी तरफ वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने भरोसा दिया था कि जीएसटी कौंसिल की मीटिंग में पंजाब के व्यापारियों की समस्याओं को खत्म करवाएंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। व्यापार मंडल ने मांग की है 20 सितंबर को गोवा में जीएसटी कौंसल की मीटिंग में ऑटो सेक्टर की तरह होजरी, टेक्सटाइल, साइकिल पा‌र्ट्स को राहत मिले।

 

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