जेएनएन, लुधियाना : माडल टाउन एक्सटेंशन स्थित भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम मंदिर में साप्ताहिक सत्संग के दौरान महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी द्वारा भेजे संदेश को पढ़ कर सुनाया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जब जब पृथ्वी पर अनाचार बढ़ जाता है और अधर्म का बोलबाला होता है तब-तब भगवान पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। गीता में भगवान ने कहा है कि हे भरतवंशी जब भी और जहां भी धर्म का पतन होता है और अधर्म की प्रधानता होने लगती है तब-तब मैं अवतार लेता हूं। भगवान ने कहा कि भक्तों का उद्वार करने दुष्टों का विनाश करने तथा धर्म की फिर से स्थापना करने के लिए मैं हर युग में प्रकट होता हूं। भगवान ने अर्जुन को कहा कि मुझे देवकी का पुत्र समझता है वह भूल करता है अर्थात वह अज्ञानी है विज्ञान इस तथ्य को नहीं मानता कि आत्मा व परमात्मा परा है। विज्ञान को तो जो दिखाई देता है वह ही मान्य है और जो वैज्ञानिकों के उपकरणों में नहीं आता वह मान्य नहीं होता वह कलयुग है और भगवान ने इस बारे में कहा था कि इस युग में जघन्य अपराध होंगे। पूजा-पाठ व भगवान के नाम-पाठ में मन नहीं लगेगा। लोगों का मन अध्यात्म से हटने लगेगा और उसकी प्रवृत्ति अधर्म वाली होने लगेगी। अर्थ और काम में लोग लिप्त हो जाएंगे और धर्म तथा मोक्ष से विलग होने लगेंगे, धन के पीछे दौड़ेंगे अत: वे मुक्त के विषय मे भूल जाएंगे जबकि मनुष्य की योनि बनी ही मुक्ति के लिए है। जीव काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह के जाल मे फंस जाता है।उसे सभी व्यसन काम, नशा, भोग आदि अच्छे लगने लगते है। मनुष्य योनि में जीव प्रभु नाम के पाठ से मोक्ष प्रात करता है।

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