पंजाब में चिकित्सा व्यवस्था में काफी सुधार होने के साथ लुधियाना में देश के तमाम बड़े अस्पतालों की चेन यहां खुलने से यह उत्तर भारत में मेडिकल सुविधाओं का केंद्र बन गया है। जहां जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान से मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। यहां के निजी अस्पतालों में भी इलाज महंगा नहीं होने के कारण अन्य राज्यों से मरीज यहां आते हैं।

खासकर सीएमसी अस्पताल, हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट और डीएमसी अस्पताल में अन्य राज्यों के मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। जहां तक सरकारी अस्पतालों की बात करें तो यहां एक सिविल अस्पताल, 16 अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर, दो मदर एंड चाइल्ड हास्पिटल, 265 सब सेंटर, 11 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर, 16 डिसपेंसरी हैं, जहां आसपास से मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा ईएसआई माडल अस्पताल कर्मचारियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हैं।

 शहर में इस समय 14 ब्लड बैंक, 10 डायलिसिस सेंटर, सात आई बैंक, 11 डी एडिक्शन सेंटर, 24 नर्सिंग कालेज और होमियोपैथी और डेंटल कालेज मरीजों की हर जरूरत को पूरा करते हैं। सरकारी स्तर पर जारी प्रयासों से स्थितियां पहले से काफी बदली हैं और इनमें लगातार सुधार की कवायद जारी है। अस्पतालों में डाक्टरों और स्टाफ की कमी के साथ-साथ इलाज में इस्तेमाल होने वाली जांच सुविधाओं को बढ़ाए जाने पर जोर दिया जा रहा है, यह समय की जरूरत भी है और प्रयास जारी हैं।

 

 शहर में 1100 आईएमए के डाक्टर हैं, जो निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। 50 से ज्यादा पचास बेड वाले अस्पताल, सौ से ज्यादा नर्सिंग होम और पांच सौ से ज्यादा क्लीनिक जरूरत के समय किसी भी मरीज को तत्काल चिकित्सा मुहैया करवाने में सक्षम हैं।

 चूंकि 22 लाख से ज्यादा आबादी वाला शहर होने के कारण यहां पिछले दो दशकों में यातायात बढ़ने से दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। जिसमें घायलों को चिकित्सा मुहैया करवाने में यहां के अस्पताल सक्षम हैं। इसके अलावा लुधियाना सिविल अस्पताल शहर की जरूरतों को पूरा करने के अलावा यहां अन्य स्थानों से भी मरीज रेफर होकर पहुंचते हैं। दुर्घटनाओं के घायलों और अन्य मरीजों के लिए यहां 32 एंबूलेंस हर समय तैयार रहती हैं।

इसके अलावा निजी अस्पतालों, एनजीओ और प्राइवेट एंबूलेंस की संख्या डेढ़ सौ से ज्यादा है। शहर में विभिन्न संस्थाएं किसी भी समय खून की जरुरत को पूरा करने के लिए तैयार रहती हैं। तीन सौ से ज्यादा डायग्नोस्टिक सेंटर हैं, जहां अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें कुछ देश की बड़ी चेन वाले सेंटर भी शामिल हैं।

प्रमुख अस्पतालों की ऐसी है तस्वीर

डीएमसी अस्पताल - 300 से ज्यादा बेड

सीएमसी अस्पताल - 250 से ज्यादा बेड

डीएमसी हीरो हार्ट - 100 से ज्यादा बेड

फोर्टिस अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

एसपीएस अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

मोहन दई ओसवाल अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

पंचम अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

जीटीबी अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

दीपक अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

कृष्णा चैरिटेबल अस्पताल - 100 से ज्यादा बेड

ओरिसन अस्पताल - 100 के करीब बेड

 कम बेड वाले मध्यम अस्पताल

शंकरा आई अस्पताल - 50 से ज्यादा बेड

बस्सी एम्स अस्पताल - 50 से ज्यादा बेड

Posted By: Krishan Kumar