लुधियाना, जेएनएन।  अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अतुल कसाना की अदालत ने पुलिस हिरासत के दौरान दुगरी थाने में वर्ष 2017 में हुई रमनदीप कौर की मृत्यु के आरोपित पुलिस अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। आरोपित पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर दलबीर सिंह, सहायक सब-इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह और महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर व राजविंदर कौर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ये जमानत याचिकाएं दायर की थीं।

शिकायतकर्ता मुकुल गर्ग ने आरोप लगाया था कि 5 अगस्त 2017 को दुगरी पुलिस ने मृतका रमनदीप कौर और उसे एक धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिया था। इस दौरान थाने के प्रभारी दलबीर सिंह थे। तब पुलिस हिरासत के दौरान रमनदीप की मृत्यु हो गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को रफा-दफा करते हुए इसे आत्महत्या बताया। हाई कोर्ट ने उपरोक्त याचिका का संज्ञान लेते हुए पुलिस से एसआइटी बनवाई थी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर 13 जून 2019 को उक्त पुलिस अधिकारियों व महिला कांस्टेबलों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया था और साथ में कुछ गैर जमानती धाराएं भी लगा दी थी। इसके चलते आरोपितों ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लुधियाना की सेशन कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिकाएं लगा दी।

वीरवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अतुल कसाना की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आरोपितों के वकीलों ने कहा कि उनके मुव्वकिल बेकसूर हैं और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वही सरकारी वकील ने अग्रिम जमानत याचिकाओं का विरोध करते कहा कि एसआईटी द्वारा अपनी रिपोर्ट देने के बाद व जांच के बाद ही आरोपितों के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया गया था, इसलिए मामले की संगीनता को देखते हुए आरोपितों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज किया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त अग्रिम जमानत याचिकाओं पर अपने फ़ैसले को आरक्षित रख लिया था।

 

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