लुधियाना, [अर्शदीप समर]। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने के करीब ढाई साल बाद कई यूथ व सीनियर कांग्रेसियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाराज कांग्रेसियों का आरोप है कि पिछली शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान उन्होंने पार्टी के साथ मिलकर कई प्रदर्शन किए और सरकार बनाने को लेकर जमीनी स्तर पर काम किया, लेकिन पिछले ढाई साल से पार्टी के सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस की तरफ से कोई भी सम्मान नहीं मिला। जब वे लोगों के काम करवाने के लिए अधिकारियों के पास जाते हैं, तब भी कोई सुनवाई नहीं होती। इससे तंग आकर कई नाराज यूथ और सीनियर कांग्रेसियों ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के प्रधान राहुल गांधी को चिट्ठी भी लिखी। इसमें उन्होंने अपने दुख के बारे में जानकारी दी। 

राहुल गांधी की तरफ से भी इन नाराज कांग्रेसियों की चिट्ठी मिलने के बाद प्रदेश के प्रधान को इसकी जांच करने के लिए कहा गया। पर अभी तक नाराज कांग्रेसियों को संतुष्ट जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर इसी प्रकार कांग्रेस में उनके साथ व्यवहार रहा तो वह पार्टी के खिलाफ भी जाएंगे। इसके साथ ही नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी पत्र लिखा है। वहीं जमीनी स्तर पर बढ़ती बगावत को देखते हुए सीनियर कांग्रेसी नेता इसके बारे में हाईकमान को अवगत करवाने में जुटे हुए हैं।

पदों पर तैनाती के लिए भाग दौड़ कर रहे कांग्रेसी

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से लगातार यूथ व सीनियर कांग्रेसी अहम पदों पर तैनात होने के लिए काफी समय से हाईकमान के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकामन ने लोकसभा चुनाव तक सभी पदों पर नई नियुक्ति करने के लिए रोक लगाई हुई थी। इन पदों में चेयरमैन, जिले की कमेटियों में अहम पद आदि शामिल हैं।

जिला यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष सन्नी कैंथ दे चुके हैं इस्तीफा 

कांग्रेस पार्टी में लगातार अंदरूनी बगावत बढ़ती जा रही है। इसके चलते कई कांग्रेसियों ने दूसरी विरोधी दल की पार्टियों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों जिला यूथ कांग्रेस के उपप्रधान सन्नी कैंथ ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। सन्नी ने आरोप लगाया था कि सरकार में उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही। अधिकारी व कई विधायक रिश्वत लेकर काम करने में जुटे हुए हैं। इस कारण वह कांग्रेस पार्टी को इस्तीफा दे रहे हैं। इस्तीफा देने के बाद वह भी किसी अन्य विरोधी दल पार्टी में जानी की तैयारी में हैं।

लोकसभा चुनाव में भी बढ़ा था पार्टी में विरोध

लोकसभा चुनाव के दौरान भी कई कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी में सम्मान न मिलने के कारण विरोध जताया था। पर सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने उनसे मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया था कि चुनाव जीतने के बाद वह हाईकमान से बातचीत करेंगे और हर कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता को उसका बनता सम्मान दिया जाएगा। पर चुनाव के बाद भी नाराज कांग्रेसियों के तरफ किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।

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Posted By: Sat Paul