जागरण संवाददाता, लुधियाना। शराब ठेकेदार मोटी कमाई कर रहे हैं, लेकिन जब नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने की बारी आती है तो कन्नी काट देते हैं। निगम शराब ठेकेदारों को नोटिस पर नोटिस जारी करते रह जाते हैं और ठेकेदार टैक्स जमा नहीं करवाते। जब तक निगम अफसर ठेकों पर कार्रवाई करने की योजना बनाते हैं तब तक एक्साइज डिपार्टमेंट से उनका कांट्रेक्ट खत्म हो जाता है। अगले साल जब निगम अफसर टैक्स वसूलने पहुंचते हैं तो ठेकेदार बदल चुका होता है। इस तरह शराब के ठेकेदार लगातार हर साल नगर निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। यही नहीं कुछ ठेकेदार ठेकों की रेंट डीड अंडर वैल्यू बना देते हैं ताकि कम से कम प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना पड़े।

वहीं ठेकेदारों की इस चालाकी पर लगाम कसने के लिए निगम ने अब नई योजना तैयार की है। अगर वह सिरे चढ़ी तो निगम को करीब एक करोड़ रुपये सालाना की आय हो सकती है। नगर निगम लिमिट में 472 शराब के ठेके हैं। एक्साइज विभाग हर साल मार्च में ठेकों की अलॉटमेंट करता है और शराब ठेकेदार एक अप्रैल से 31 मार्च तक ठेका चलाते हैं। ठेकेदारों को जमीन मालिक के साथ एक रेंट डीड तैयार करनी होती है और उसके हिसाब से नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स देना होता है।

शराब ठेके खुलने के साथ ही नगर निगम उनकी जानकारी जुटाना शुरू कर देता है और साथ ही उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को कहता है। बार-बार मौखिक तौर पर कहने के बाद जब ठेकेदार टैक्स जमा नहीं करवाता है तो निगम उन्हें नोटिस जारी करता है, जिसमें उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाता है। जब तक नगर निगम उन्हें सीलिंग का नोटिस जारी करता है तब तक उनका एक साल पूरा हो जाता है। नए साल में ठेकेदार भी बदल जाता है और कई बार ठेकों की जगह भी बदल जाती है। ऐसे में निगम अफसर शराब ठेकेदारों से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं वसूल पाते। मेयर बलकार सिंह संधू ने निगम अफसरों को अब नया फॉर्मूला तय करने के आदेश दिए हैं ताकि शराब कारोबारियों से शुरू में ही एकमुश्त टैक्स वसूल लिया जाए।

विधायक संजय तलवाड़ ने सबसे पहले उठाया था मुद्दा

विधायक संजय तलवाड़ ने सबसे पहले शराब ठेकों का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का मामला उठाया था। पिछले साल संजय तलवाड़ ने मेयर व कमिश्नर को पत्र लिखा था कि शराब ठेकेदार मोटी कमाई करते हैं और निगम को प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाते हैं, जिसके बाद नगर निगम ने शराब ठेकेदारों को नोटिस भेजने शुरू किए।

जानें अब क्या है निगम की तैयारी

निगम ने शराब के ठेकों का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए ठेकों को एरिया वाइज तीन कैटेगिरी में बांटने की योजना बनाई गई है, जिसके तहत शहर की प्रमुख बड़ी सड़कों के आस-पास बने ठेकों को पहली कैटेगिरी में रखा जाएगा, जिनसे हर साल 60 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा। शहर की छोटी-छोटी सड़कों को दूसरी कैटेगिरी में रखा गया है और उनसे 40 हजार रुपये व तीसरी कैटेगिरी में बाहरी क्षेत्रों में बने ठेकों को रखने की योजना है। उनसे प्रति वर्ष 25 हजार रुपये वसूलने की तैयारी है।

नगर निगम भेज रहा सीलिंग नोटिस

जो प्रॉपर्टी मालिक कई सालों से प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं नगर निगम अब उनसे टैक्स वसूलने के लिए सीङ्क्षलग नोटिस भेज रहा है। नगर निगम अब तक चारों जोनों में अलग-अलग 100 के करीब प्रॉपर्टी मालिकों को सीङ्क्षलग नोटिस भेज चुका है। निगम अधिकारियों के अनुसार सीङ्क्षलग नोटिस के बाद प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा करवाना शुरू कर दिया।

प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए एसएमएस से रिकॉल करवा रहा निगम

नगर निगम अब प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वालों को एसएमएस के जरिए अलर्ट कर रहा है। नगर निगम अब प्रॉपर्टी मालिकों को टैक्स जमा करवाने के लिए मैसेज भेजकर रिकॉल करवा रहा है। अब तक नगर निगम करीब 78 हजार लोगों को मैसेज भेज चुका है।

 

शराब के ठेकेदारों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नया प्रपोजल तैयार किया गया है। ठेकेदारों से एक मीङ्क्षटग की गई थी। जल्द ही प्रपोजल को मंजूरी दे दी जाएगी और उसके हिसाब से उनसे प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा अफसरों को प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

शाम सुंदर मल्होत्रा, सीनियर डिप्टी मेयर, लुधियाना

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Posted By: Sat Paul

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