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लुधियाना में हनुमंत कथा के बाद लगा दिव्य दरबार, धीरेंद्र शास्त्री ने पर्ची से किया भक्तों की समस्या का समाधान

Published: Tue, 29 Sep 2026 06:00 AM (IST)

लुधियाना में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने झूठे चमत्कार दिखाकर मतांतरण कराने वालों की दुकानें बंद कराने की बात कही।

लुधियाना में हनुमंत कथा के बाद लगा दिव्य दरबार। फोटो जागरण

लुधियाना में हनुमंत कथा के बाद लगा दिव्य दरबार। फोटो जागरण

HighLights

  1. धीरेंद्र शास्त्री ने लुधियाना में हनुमंत कथा और दिव्य दरबार किया।

  2. झूठे चमत्कार से मतांतरण कराने वालों की दुकानें बंद करने आए।

  3. सनातनियों को बजरंगबली की भक्ति पर विश्वास रखने का संदेश दिया।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। चंडीगढ़ रोड स्थित ग्लाडा ग्राउंड सोमवार को श्रीराम और हनुमान भक्ति में सराबोर नजर आया। श्री हनुमंत कथा के तीसरे दिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम नाम और बजरंगबली की महिमा का गुणगान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि झूठे चमत्कार दिखाकर मतांतरण कराने वालों की दुकानें बंद कराने के लिए वह पंजाब आए हैं। कथा के बाद आयोजित दिव्य दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की पर्चियां निकाली गईं।

इन श्रद्धालुओं को मंच पर बुलाकर शास्त्री से अपनी समस्याएं बताने और समाधान पाने का अवसर मिला। खास बात यह रही कि जिन श्रद्धालुओं की पर्चियां नहीं निकलीं, उनमें से भी कुछ लोगों को शास्त्री ने मंच पर बुलाया। सनातनियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पंजाब में धर्मांतरण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

सनातनियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है

उन्होंने कहा कि पंजाब में गांव-गांव और गली-गली कुछ लोग कथित तौर पर झूठे चमत्कार दिखाकर लोगों का धर्मांतरण करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने और झूठे चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण कराने वालों की 'दुकानें बंद' कराने का संकल्प लेकर आए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि सनातनियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है।

बजरंगबली की भक्ति में इतनी शक्ति है कि व्यक्ति को अपने जीवन का मार्ग समझने के लिए किसी दिखावे के पीछे जाने की आवश्यकता नहीं है। कथा स्थल पर इस संदेश के दौरान भी श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे लगाए। किसी को तरक्की की चिंता, किसी को बीमारी की परेशानी दिव्य दरबार में फरीदकोट से पहुंचे राजकुमार की तरक्की नहीं होने, डर, कान में दर्द और कथित छाया जैसी परेशानी का जिक्र किया गया।

लोगों की समस्याओं का किया समाधान

न्यू कीर्ति नगर, लुधियाना के विजय कुमार की पत्नी की बीमारी, आर्थिक स्थिति और कामकाज से जुड़ी समस्या सामने रखी गई। बठिंडा से पहली बार पहुंची एक महिला की बेटी की सरकारी नौकरी की इच्छा और उसकी मां के गले में दर्द की समस्या बताई गई।

यमुनानगर से आई पुष्पा के बेटे राम को होने वाले दर्द और परेशानी का जिक्र किया गया। वहीं, बाड़ेबाल निवासी ऋषि बजाज की पत्नी के बीमार रहने और लगातार दर्द की शिकायत के बारे में भी बताया गया। शास्त्री ने इन श्रद्धालुओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उपाय और भरोसा दिया।