संवाद सहयोगी, जगराओं : गांव बडूवाल, धर्मकोट में रहने वाली अमरजीत कौर की शादी जगराओं के नजदीक गांव गालिब कलां में बलजीत सिंह के साथ हुई थी। अमरजीत कौर ने ससुराल में चार दिन पहले संदिग्ध हालात में फंदा लगा लिया था। तभी से अमरजीत कौर का शव सिविल अस्पताल जगराओं की मोर्चरी में रखा हुआ था।

ससुराल परिवार का कहना था कि अमरजीत कौर ने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी की है, जबकि मायके परिवार का आरोप था कि अमरजीत कौर की हत्या करके उसके शव को पंखे से लटका दिया गया। उन्होंने एक वीडियो भी दिखाई, जिसमें अमरजीत कौर का शव घुटनों के बल पर जमीन पर था और गले में फंदे की रस्सी ऊपर पंखे के एक फर से बंधी हुई थी। इसी विवाद के कारण अमरजीत कौर का पोस्टमार्टम तीन दिन बाद शुक्रवार को सिविल अस्पताल के एसएमओ प्रदीप महिद्रा के निर्देश पर गठित डाक्टरों के बोर्ड ने किया। शनिवार को अमरजीत कौर का शव ले जाने के लिए मायका और ससुराल परिवार दोनों ही सिविल अस्पताल पहुंच गए और एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।

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कांग्रेस नेता पर कारवाई न होने देने का आरोप

अमरजीत कौर के मायके परिवार ने गांव गालिब कला के एक कांग्रेस नेता पर आरोप लगाए कि वह उनकी पुलिस से कार्रवाई नहीं होने दे रहा। इसके चलते उन्होंने बस अड्डा चौक में पहुंचकर धरना लगा दिया गया। जब इस बात का पता उसके ससुराल परिवार को चला तो वह दूसरी तरफ जाकर धरने पर बैठ गए। मौके पर डीएसपी जितेंद्रजीत सिंह, थाना सिटी के प्रभारी गगनदीप सिंह भारी पुलिस बल के साथ वहां पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बात की।

शव मायके वालों को सौंपा

करीब तीन घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने महिला के मायके परिवार को शव सौंपने का फैसला किया। इस संबध में डीएसपी जतिदरजीत सिंह ने बताया कि मृतका का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके मायके परिवार को दे दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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