जासं, लुधियाना :

बार कौंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर शुक्रवार को जिला बार संघ लुधियाना के वकील एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ बाद दोपहर हड़ताल पर रहे, जिससे अदालतों में कामकाज लगभग ठप रहा।

बार कौंसिल के सदस्य एवं जिला बार संघ के प्रधान परोपकार सिंघ घुम्मण ने विरोध जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिल में प्रस्तावित संशोधन किए जाने से वकीलों के मौलिक अधिकारों की हत्या होगी। वहीं वकील स्वतंत्रता से अपना काम नहीं जारी रख सकेंगे, जिससे लोगों को न्याय मिलने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में इन संशोधनों को पारित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने डीसी प्रदीप अग्रवाल को ज्ञापन देकर लॉ कमीशन के चेयरमैन बीएस चौहान को पदमुक्त करने की मांग की।

जिला बार संघ के वाइस प्रेजिडेंट हरजोत सिंह हरीके, सेक्रेटरी चेतन वर्मा, फाइनांस सेक्रेटरी हिमांशु वालिया, संयुक्त सचिव हरजोत सिंह, कार्यकारिणी सदस्य चेतना, स्वाति धीर ने प्रस्तावित संशोधनों से वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया व राज्य बार काउंसिल पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिला बार संघ के पूर्व प्रधान केआर सीकरी, नवल किशोर छिब्बर के अनुसार अगर यह काला कानून पास हो जाता है तो वकीलों की हालत बंधुआ मजदूरो जैसी हो जाएगी। उनका मानना है कि उपरोक्त बिल में कई ऐसे संशोधनों का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे देश भर के वकीलों का काम प्रभावित होगा। इस बिल को लेकर दिल्ली के अलावा देश भर में वकील रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। जिला काग्रेस लीगल सेल के नेताओं धर्मजीत सिंह खेड़ा, अशोक भाखड़ी, पीडी शर्मा, कमलजीत शर्मा, श्रवण सहगल, विशाल तिवारी ने कहा कि वे यह मामला सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के समक्ष रखेंगे। उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वो संसद में इसको पास नहीं होने दें।

Posted By: Jagran

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