डीएल डॉन, लुधियाना

एलपीजी का रेट बढ़ने और सब्सिडी नहीं मिलने से ग्राहक परेशान हैं। उनकी समस्या का हल नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सब्सिडी पाने के लिए कभी बैंक तो कभी एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद सब्सिडी नहीं मिल रही है। ग्राहकों का कहना है कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वे कंपनी व केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष करेंगे।

लुधियाना में करीब 15 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से अधिक उपभोक्ताओं का खाता पीएनबी में है। पीएनबी से सर्वाधिक उपभोक्ताओं का लिंक टूट जाने से लोगों को सब्सिडी नहीं मिल रही है। इससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इस संबंध में कई एजेंसी धारकों का कहना है कि पीएनबी से लिंक टूटने के बाद ग्राहकों को काफी परेशानी हो रही है और आधार कार्ड नंबर दोबारा दर्ज करवाने पर भी लिंक नहीं हो रहा है। हालांकि पीएनबी के अधिकारी का कहना है कि आधार कार्ड नंबर दर्ज करने पर लिंक स्थापित हो रहा है जिससे आने वाले कुछ दिनों में सभी लिंक स्थापित हो जाएगा। रेट बढ़ाना जनता से धोखा

5 वर्ष पूर्व हर आदमी कहता था कि नई सरकार आएगी तो एलपीजी का रेट कम होगा और उन्हें मंहगाई से राहत मिलेगी। पर नई सरकार बनने के बाद वादे को वे भूल ही गए। आज एलपीजी तब के रेट से चार गुणा ज्यादा महंगी हो गई है। एलपीजी का रेट सबसे ज्यादा भाजपा सरकार के शासन में बढ़ोतरी हुई है। मेहरबान के शहनाज बेगम, अरूण कुमार, मुकेश कुमार का कहना है कि केंद्र सरकार पब्लिक के साथ धोखा कर रही है। पहले अचानक गैस का रेट बढ़ना और अब सब्सिडी खत्म करना जनता से साजिश है। बैंक में सब्सिडी नहीं आना सरकार को बेनकाब कर रही है। आती है एलपीजी सब्सिडी : मैनेजर

एलपीजी सब्सिडी ग्राहकों को नहीं मिलने के बारे में इंडियन ऑयल एलपीजी सेल्स मैनेजर हरदेव सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि सब्सिडी सरकार बैंक में भेजती है। हालांकि उन्होंने कहा कि सोमवार को लोगों की इस समस्या का हल करने के लिए कदम उठाएंगे।

Posted By: Jagran