लुधियाना में जश्न-ए-इंकलाब में उमड़ा सैलाब, कुलविंदर बिल्ला-रणजीत बावा ने बांधा समां; पीली पगड़ियों में खूब थिरके युवा
बलिदानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर पीएयू लुधियाना में 'जश्न-ए-इंकलाब' का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे पंजाब से युवाओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कुलविंदर बिल्ला-रणजीत बावा ने बांधा समां। फोटो जागरण
HighLights
भगत सिंह के जन्मदिवस पर पीएयू में 'जश्न-ए-इंकलाब' का आयोजन।
पूरे पंजाब से युवाओं का भारी जनसैलाब लुधियाना पहुंचा।
कुलविंदर बिल्ला और रणजीत बावा ने अपनी गायकी से समां बांधा।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। बलिदानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर सोमवार को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में जश्न ए इंकलाब के आयोजन में पूरे पंजाब से युवाओं का जनसैलाब उमड़ गया।
दोपहर तीन बजे से पंजाब के विभिन्न कोनों से लोग अपने वाहन लेकर लुधियाना के पीएयू पहुंचना शुरू हो गए थे। लोगों के जनसैलाब के आगे जिला प्रशासन के सभी इंतजाम की कम पड़ गए। नतीजा बाद दोपहर से बद्दोवाल से लेकर शहर के भारत नगर पर जाम लग गया।
पीएयू के आसपास एरिया में शाम के बाद वाहन निकलने के लिए कोई जगह नहीं बची। लोग लगभग दो घंटे तक इस जाम में फंसते हुए समारोह स्थल तक पहुंचे। विधायक से लेकर आम लोग ज्यादातर पीली पगड़ी पहनकर समारोह को देखने के लिए पहुंचे।

गायक कुलविंदर बिल्ला ने बांधा समां
पीएयू के अंदर भी हालात कुछ इसी तरह के रहे, लोग इतनी संख्या में पहुंच गए कि जिला प्रशासन को भी इंतजाम करना मुश्किल पड़ा। इसके बावजूद लोगों ने जैसे गायक कुलविंदर बिल्ला ने अपनी गायकी का जौहर दिखाना शुरू किया। लोगों से चेहरे से यह सभी परेशानियां गायब हो गई।
सबसे पहले भगत सिंह को लेकर एक वार गाई, इसके बाद कागजां दी लोड़ कोई न साढ़े दिलां से भगत सिंह लिखाया। लगभग एक घंटे तक बिल्ला ने झुमर से लेकर कई गाने गाकर लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया।

मेरा बापू कहड़ा करदा ब्लैक नहीं...
इसके बाद पंजाब की मिट्टी से जुड़े गायक रणजीत बावा का युवाओं में सबसे ज्यादा क्रेज रहा। सबसे पहले आते ही, नी आपा किसे तो की लैणा जट्टिएं तेरे जट्ट की चढ़ाई बड़ी आ से शुरूआत करते युवाओं को साथ में थिरकने के पर जमबूर कर दिया। इसके बाद लोगों को सबसे पसंद मेरा बापू कहड़ा करदा ब्लैक नहीं, आह जेहड़ा तैनू लुधियाने ले दइया फ्लैट नीं पर माहौल में रंग जमा दिया।

इस गाने पर युवाओं से लेकर बुजुर्ग भी नाचते दिखे। इसके बाद बावा ने नीं मुंडा पटिया गुलाबी पगवाला.. सहित रात लगभग दस बजे तक माहौल को बनाए रखा। युवाओं में इतना जोश था कि कई बार कार्यक्रम को बीच में रोकना पड़ा।
