बठिंडा, [नितिन सिंगला]। Honey Trap: पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आइएएसआइ को सैनिक छावनी की गुप्त जानकारियां देने के आराेप में गिरफ्तार हरियाणा के कैथल निवासी गुरविंदर सिंह करीब तीन माह पहले ही पीआइए के एजेंट के संपर्क में आया था। पीआईए के एजेंट ने महिला बनकर गुरविंदर सिंह से फेसबुक और वाट्सएप पर संपर्क किया और उसे अपना नाम खुशदीप कौर निवासी जयपुर (राजस्थान) बताया। उसने यह भी बताया कि वह प्रिंसिपल कंट्रोलर आफ डिफेंस अकाउंट (पीडीडीए) चंडीगढ़ दफ्तर में नौकरी करती है।

गुरविंदर सिंह ने पुलिस पूछताछ में माना है कि शुरूआती दिनों में खुशदीप कौर उसे नार्मल बातें ही करती थी। इसके बाद वह धीरे-धीरे उसके साथ प्यार-मोहब्बत वाली बात करने लगी। उसे पूरी तरह से अपने प्यार के जाल में फंसाने के बाद वह उसके दफ्तर और उसके काम के बारे में जानकारी हासिल करने लगी।

इसके बाद वह उसे अपने दफ्तर और दफ्तर के बाद उसकी जिंदगी की हर छोटी-बड़ी बात शेयर करने लगा। उसने उस पर इतना भरोसा कायम कर लिया कि खुशदीप काैर के कहने पर उसके एक वाट्सएप नंबर को आर्मी एक-दो आफिशल वाट्सप ग्रुप में एड करवा दिया। इंटेलीजेंस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपित गुरविंदर सिंह ठिंडा सैनिक छावनी में स्थित मुख्यालय कमांडर वर्क इंजीनियर कार्यालय बठिंडा में चपरासी के पद पर तैनात जरूर था, लेकिन वह दफ्तर में डाटा एंट्री आप्रटेर के तौर पर भी काम करता था।

पढ़ा- लिखा होने के साथ-साथ कंप्यूटर की जानकारी हाेने के कारण वह दफ्तर के आफिशल काम करने में मदद करता था। दफ्तर के उच्चाधिकारियों को उस पर भरोसा होने के कारण उसने पीआईओ खुशदीप कौर के फोन नंबर वाट्सएप ग्रुप में शामिल करवाने में सफल रहा। गुरविंदर सिंह ने अभी तक उसे वेस्टर्न सीएमडी म्यूचुअल पोस्टिंग ग्रुप और एमईएस इंफॉर्मेशन अपडेट ग्रुप में जोड़ा था, जबकि चपरासी होने के चलते दफ्तर में वह बिना रोकटोक आ जा सकता था, जबकि फाइलें लेकर जाने और रखने का काम भी देखता था, इसलिए उसने कुछ डाक्यूमेंट पीआईओ को भेज दिए।

फिलहाल पुलिस ने आरोपित गुरविंदर सिंह ने किस प्रकार के डाक्यूमेंट पीआईओ को भेजे है, इसका खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन उसका माेबाइल फोन और लैपटाप को अार्मी की इंटैलीजेंस ने अपनी कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। वहीं उसके बैंक खातों की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि पूर्व छह माह में उसके बैंक खाते में कहां से और कितने पैसे ट्रांसफर हुए है। वहीं रविवार को आर्मी के अधिकारियों के आर्मी की इंटैलीजेंस के अधिकारियों ने भी गुरविंदर सिंह से घंटो पूछताछ की, ताकि पता किया जा सके कि उसके अलावा और कौन कौन से कर्मचारी जुड़े है, जोकि पीआईओ के संपर्क में है।

हनी ट्रैप का सहारा लेकर भारतीय सेना के आफिशियल ग्रुप में सेंध लगा रहा है आईएसआई

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय सेना की खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए हनी ट्रैप (महिलाओें का सहारा) की मदद ले रही है। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान में आईएसआई द्वारा हनी ट्रैप के जरिए सेना में काम करने वाले लोगों को अपने जाल में फंसाने के मामले सामने आने के बाद अब पंजाब में दो मामले सामने आए है। इसमें बीती 14 सितंबर को एक मामला लुधियाना में सामने आया, तो दूसरा मामला 18 सितंबर को बठिंडा में सामने आया है। इन दोनों मामलों में आईएसआई ने अपनी पाकिस्तानी इंटेलीजेंसी ऑप्रेटिव(पीआईओ) के जरिए सेना में काम करने वाले लोगों को हनी ट्रैप के जरिए अपने जाल में फंसा और उनसे वाट्सप और फेसबुक पर बातचीत कर उनसे सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी हासिल करनी शुरू कर दी।

Edited By: Vipin Kumar