लुधियाना, जेएनएन। कृषि सुधार कानून के खिलाफ एक तरफ किसान संगठन पिछले करीब एक माह से आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गांवों में भी अपनी जड़ें मजबूत कर रहे हैं ताकि संगठन के साथ हर गांव के किसानों को जोड़ कर उनके हितों की रक्षा की जा सके। भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) ने इसी क्रम में गांव मंडियानी में अपनी इकाई का गठन किया।

गांव में हुई किसानों की बैठक में सुखविंदर सिंह हंबड़ा को ब्लाक प्रधान नियुक्त किया गया। प्रभदीप सिंह को प्रधान, वरिंदरपाल सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रदीप सिंह सचिव, गुरदीप सिंह सहायक सचिव और शिंगारा सिंह ख़ज़ांची के अलावा दविंदर सिंह, जगमोहन सिंह, भगवान सिंह, जसविंदर सिंह, दर्शन सिंह, लखबीर सिंह और शमशेर सिंह समिति सदस्य चुने गए। नए चुने प्रधान प्रभदीप सिंह ने खेती कानूनों के खि़लाफ़ चल रहे संघर्ष में बढचढ़ कर हिस्सा लेने और पांच नवंबर को राष्ट्रीय स्तरीय चक्का जाम सफल करने का फ़ैसला भी लिया। इस अवसर पर ब्लाक प्रधान सुखविंदर सिंह हंबड़ा ने कहा कि मोदी हकूमत के किसानी पर बोले हमले के खि़लाफ़ किसान संघर्ष काले कानूनों की वापसी तक जारी रहेगा।

इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन ऐकता (उगराहां) की तरफ से गहौर रिलायंस पेट्रोल पंप पर बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता इलाका कनवीनर गुरप्रीत सिंह नूरपुरा ने की। बैठक में किसानों ने पांच नवंबर को भारत बंद के दौरान दोपहर बारह बजे से लेकर शाम चार बजे तक सड़क यातायात ठप करने की रणनीति पर विचार किया गया। नूरपुरा ने कहा कि इस बंद को सफल बनाने के लिए सभी किसान एकजुट हैं। संघर्ष को और तेज करने के लिए गांव स्तर पर भी बैठकें की जा रही हैं। इस अवसर पर तीर्थ सिंह तलवंडी, निर्मल सिंह धनोआ, साधू सिंह सरां, हरबंस सिंह माजरी, जगदेव सिंह गहौर, जनरल सिंह, संदीप सिंह मलकपुर, देव सराभा, सुखप्रीत सिंह माजरी, कुलविंदर सिंह माजरी और वरिंन्दर सिंह सुधार आदि उपस्थित रहे।

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस