लुधियाना, [आशा मेहता]। Ludhiana Coronavirus Vaccination: दूसरी लहर में कोरोना चरम पर है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ दूसरी और तीसरी लहर में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन को बड़ा हथियार बता रहे हैं। अब तक हुई पहले व दूसरे चरण की वैक्सीनेशन में प्राइवेट अस्पतालों का बहुत बड़ा रोल रहा है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने शहर के निजी अस्पतालों में जाकर वैक्सीनेशन करवाई है। जिले की बात करें तो अब तक करीब 5.85 लाख लोगों की वैक्सीनेशन हुई है, जिसमें से 1.50 लाख लोगों ने निजी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाई है।

अब सोमवार से तीसरे चरण की वैक्सीनेशन शुरू हो रही है, जिसमें सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 18 साल से अधिक उम्र वालों की वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा, लेकिन शहर के निजी अस्पतालों के वैक्सीनेशन सेंटर सूने ही रहेंगे। कारण, निजी अस्पतालों को न तो सरकार की तरफ से वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है और न ही मैन्युफैक्चर्स की तरफ से, जबकि अप्रैल मध्य तक जिले में 70 से अधिक निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन हो रही थी। फिलहाल जिले के डीएमसी, सीएमसी व मोहनदेई ओसवाल अस्पताल समेत 20 निजी अस्पतालों ने कंपनी को करीब एक लाख डोज का आर्डर दिया है। निजी अस्पतालों के प्रमुखों का कहना है कि हम कोविशील्ड और कोवैक्सीन बनाने वाले मैन्युफैक्चर्स से वैक्सीन उपलब्ध करवाने को लेकर लगातार डिमांड कर रहे हैं, लेकिन अब तक हमें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
:::::::::::::::::
कंपनी दे रही पांच से छह माह की वेटिंग : डा. दीप शिखा
सीएमसी अस्पाल की वैक्सीनेशन इंचार्ज डा. दीप शिखा का कहना है कि वैक्सीन को लेकर मैन्युफैक्चरर्स से बात की है। सीरम कोविड टास्क फोर्स की तरफ मिले लेटर में कहा गया है कि अभी इतनी वैक्सीन नहीं है कि सरकार को भी दें दें और प्राइवेट अस्पतालों को भी। निजी अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध होने में करीब पांच-छह माह लग सकते हैं। भारत बायोटेक से कोवैक्सीन को लेकर संपर्क कर 15 दिन पहले एक हजार डोज का आर्डर दिया था, लेकिन अभी कोई रिस्पांस नहीं मिला है। सरकार को चाहिए कि वह कंपनियों को निजी अस्पतालों में भी सप्लाई देने की बात कहे, ताकि वैक्सीनेशन ड्राइव तेज की जाए। इजराइल ने अपने सभी नागरिकों को वैक्सीनेट करके कोरोना खत्म कर दिया। ब्रिटेन भी कोरोना को खत्म करने के करीब है। दूसरे देश भी वैक्सीनेशन पर ही जोर दे रहे हैं। वैक्सीनेशन होगी, तो डेथ रेट और होस्टपिटलाइजेशन कम हो जाएगी।

पहले हमने सरकार को सहयोग दिया, अब हमें नहीं मिल रहा : डा. अनुराग चौधरी
डीएमसी अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसन विभाग की हेड और वैक्सीनेशन इंचार्ज डा. अनुराग चौधरी कहती हैं कि वैक्सीनेशन अभियान की शुरूआत हुई तो सरकार ने निजी अस्पतालों से वैक्सीन लगाने को लेकर सहयोग मांगा। इसमें निजी अस्पतालों ने पूरा सहयोग दिया। जिले में निजी अस्पतालों से करीब डेढ़ लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई, जिसमें से अकेले डीएमसी अस्पताल में ही 60 हजार लोगों की वैक्सीनेशन हुई है। हालांकि अब वैक्सीन न मिलने के कारण तीसरे चरण की वैक्सीनेशन नहीं शुरू हो पा रहा है। सरकार कह रही है कि तीसरे चरण में निजी अस्पताल डायरेक्ट मैन्युफैक्चर्स से वैक्सीन लें। दो सप्ताह पहले सीरम से कांटेक्ट किया, तो उन्होंने पांच महीने की वेङ्क्षटग दे दी। कोवैक्सीन वालों से संपर्क किया तो वहां से स्पष्ट रिस्पांस नहीं मिला। प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध न करवाकर सरकार नुकसान ही कर रही है, क्योंकि सरकार के पास इतनी सुविधाएं नहीं है कि वह सारी आबादी को कवर कर लें।

कंपनियों का कहना, डिमांड ज्यादा, प्रोडक्शन कम: योगेंद्र अवधिया
मोहनदेई ओसवाल अस्पताल के हेड आपरेशंस योगेंद्र अवधिया का कहना है कि हम पिछले 15 दिनों से वैक्सीन बनाने वाली दोनों कंपनियों से बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वैक्सीन नहीं मिली। हमने दस हजार डोज का आर्डर किया है। कंपनियों का कहना है कि डिमांड बहुत ज्यादा है और प्रोडक्शन उतनी नहीं है। मई के अंत तक वैक्सीन मिलने की संभावना है।