लुधियाना [आशा मेहता]। होली रंगों का त्योहार हैं। इस दिन खुद को रंगों से बचा पाना बेहद कठिन होता है। होली पर लोग एक दूसरे को जमकर रंग और गुलाल लगाते हैं। कई लोग जागरूक होने पर जहां हर्बल कलर से होली खेलते हैं, वहीं बहुत से लोग जानकारी के अभाव में कैमिकल युक्त रंगों का प्रयोग करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार केमिकल युक्त रंग हमारे लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं। ऐसे में कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। जिससे कि होली की मस्ती में खलल न पड़े।

होली के दिन त्वचा को रंगों से बचा कर रखें: डाॅ. गिल 

एसपीएस अस्पताल की त्वचा रोग विभाग की प्रमुख डाॅ. जसतिंदर कौर गिल ने कहा होली खेलने से पहले की सावधानियों की बात करें, तो सबसे पहले शरीर पर नारियल, जैतून का तेल लगा लें। तेल नहीं है तो माश्चराइजर लोशन लगाएं। इसके बाद चेहरे और कानों पर सनस्क्रीन व फिर लेक्टोकेलामाइन लगाएं। होली खेलने से एक या आधा घंटा पहले बालों में तेल लगाना न भूलें। लड़कियां लिप्स पर लिपसिस्टक व लड़के माश्चराइजर या सनस्क्रीन लगा सकते हैं। तेल व माश्चराइजर त्वचा पर सुरक्षा की एक परत बनाएगा। इससे रंग आसानी से निकल जाते हैं। इसके बाद ऐसे कपड़े पहनें, जिसमें पूरा शरीर ढक जाए। इससे रंगों में मौजूद हानिकारिक कैमिकल के संपर्क में आने से बची रहती हैं। कपड़े कॉटन के हो बेहतर रहेगा। कोशिश करें कि होली नेचुरल कलर्स से ही खेले।

सिंथेटिक रंगों का न करें इस्तेमाल

डाॅ. जसतिंदर कौर गिल का कहना है कि सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल न करें। क्योंकि केमिकल्स वाले रंग त्वचा को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं होली खेलने के बाद घर आएं और साबुन व ठंडे पानी से अच्छी तरह से नहाएं। चेहरे को रंगड़ कर साफ न करें। इससे त्वचा पर रैशेज और जलन हो सकती है। बालों को पहले पानी से अच्छे से धोकर रंग निकालें, फिर शैंपू करें। शैंपू के बाद कंडीशनर कर सकते हैं। अगर कंडीशनर नहीं है, तो सरसों के तेल की कुछ बूंदे हाथ में लेकर बालों में मिलाएं। नहाने के बाद एक बार फिर से शरीर पर लोशन, नारियल या जेतून का तेल लगा सकते हैं। जिन लोगों को नहाने के बाद जलन महसूस हो या त्वचा पर रेडनेस दिखे तो लेक्टोकेलामाइन लगा सकते हैं। जिन लोगों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती हैं, उन्हें काफी सावधानियां बरतने की जरूरत है।

गोगल्स लगाकर खेलें होली, आंखों में रंग पडऩे पर पानी से धोएं: डाॅ. प्रियंका 

दयानंद मेडिल कालेज एंड अस्पताल के ऑप्थोलॉजी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. प्रियंका अरोड़ा के अनुसार होली के दिन आंखों का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है। रंगों में कई तरह के खतरनाक केमिकल हो सकते हैं। जिससे आंखों की एलर्जी सहित आंखों में संक्रमण होने की संभावना रहती है। ऐसे में जहां तक हो सके, हर्बल रंगों से होली खेलें। होली खेलते वक्त आंखों को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर क्वालिटी के सनग्लासेस पहन सकते हैं। दूसरा होली के दौरान अगर कोई रंग लगाने के लिए आता हैं तो कार्नियां और आंखों की पुतली को बचाने के लिए उस वक्त अपनी आंखे बंद रखें। रंग लगाने के तुरंत बाद अपनी आंखे साफ पानी से धो लें या रूमाल या फिर कपड़े से आंखों पर लगे रंग को तुरंत साफ कर लें। अगर आंखों में रंग चला जाए और बेहद तकलीफ महसूस हो तो तुरंत आंखों के रोगों के विशेषज्ञ से जांच करवाएं।

सांस के रोगी होली के दिन विशेष ध्यान रखें

मोहनदेई ओसवाल अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रदीप कपूर का कहना है कि आजकल बाजार में आने आर्गेनिक कलर भी बिक रहे हैं और केमिकल युक्त कलर भी। बहुत से लोग सस्ता होने की वजह से केमिकल युक्त कलर इस्तेमाल करते हैं। केमिकल वाले रंगों से एलर्जी की समस्या, सांस में तकलीफ व इंफेक्शन की समस्या आ सकती हैं। ऐसे लोग जिन्हें एलर्जी हैं, जिन्हें अस्थमा या सांस की बीमारी हैं, उन्हें हर हाल में रंगों से दूर रहना चाहिए। त्यौहार पर रस्म के तौर पर हर्बल रंग से टीका लगवा सकते हैं। 

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Posted By: Sat Paul