लुधियाना, [राजन कैंथ]:आचार संहिता लागू होने से पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने तेजी से लाइसेंसी असलहा जमा कराने के निर्देश जारी किए थे। पुलिस ने इस काम को पूरा करने में तेजी नहीं दिखाई। इसका नतीजा यह हुआ कि नूरवाला में एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं, जालंधर बाइपास चौक में सब्जी मंडी पार्किंग ठेकेदारों ने आदेश को दरकिनार करते हुए सरेआम फायरिंग की। इससे इलाके में आतंक का माहौल बन गया। कुल मिलाकर असलहा का गलत इस्तेमाल करने वालों के दिमाग में पुलिस के आदेश का कोई बोझ नहीं है।

बता दें कि सात मार्च को नूरवाला में कांग्रेस सरपंच के चाचा बलवीर सिंह की पड़ोसी जगदेव सिंह ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। दरअसल चुनावी रंजिश में डीसी दस दिन से हर रात छत पर चढ़ कर हवाई फायर कर रहा था। बलवीर ने इस मामले को लेकर थाना मेहरबान पुलिस को शिकायत की थी। उसी की रंजिश रखते हुए आरोपित ने बलवीर सिंह को गोलियां मार हत्या कर दी। उस मामले में भी पुलिस की लापरवाही सामने आई। हत्या के एक दिन पहले एक हवलदार ने डीसी को हथियार जमा कराने का मैसेज नोट कराया और लौट आया, जबकि हवाई फायर करने के आरोप में डीसी के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। ऐसा होता तो बलवीर सिंह की जान बच जाती। हैरानी की बात यह है कि सात मार्च को हुई हत्या के बाद पुलिस ने असलहा तो कब्जे में ले लिया। मगर अब तक आरोपित का लाइसेंस रद करने को लेकर रिपोर्ट बनाकर नहीं भेजी। 

यह सही है कि हवाई फायरिंग होने की शिकायत मिलने पर जगदेव सिंह डीसी के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। उसे मैसेज भेज कर हथियार जमा कराने के लिए कहना थाना प्रभारी की लापरवाही है। इसकी जांच की जा रही है। जल्द अगली कार्रवाई की जाएगी। 

-दविंदर चौधरी, एसीपी ईस्ट। 

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Posted By: Vipin Kumar