लुधियाना, [राजेश भट्ट]। बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए नगर निगम ने एक्शन प्लान तैयार कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भेज दिया है। दरिया की सफाई के लिए बनाए एक्शन प्लान की पोल अब बुधवार 20 मार्च को एनजीटी के सामने खुलेगी। बुधवार को एनजीटी ने नगर निगम व पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के अफसरों को दिल्ली तलब किया है। एनजीटी ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी हिदायतें दी हैं कि निगम ने जो एक्शन प्लान बनाया है उसकी फिजिबिलिटी चेक करके रिपोर्ट साथ लेकर आएं। अब बुधवार को एनजीटी तय करेगा कि निगम की तरफ से तैयार किया एक्शन प्लान फिजिबल है या नहीं। बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए नगर निगम ने एक्शन प्लान को दो हिस्सों में तैयार किया है। दरिया की सफाई के लिए कुछ काम हैं जो कि कम समय में पूरे किए जा सकते हैं। इसे निगम ने शॉर्ट टर्म प्लान में रखा है। जिन कामों पर ज्यादा वक्त लगना है, उन्हें लॉन्ग टर्म प्लान में शामिल किया है। निगम ने दरिया में सीवरेज का पानी कम करने के लिए पानी की सप्लाई में कटौती करने, ट्यूबवेलों पर टाइमर लगवाने, दरिया के किनारे डस्टबिन रखवाने जैसे कार्यो को शार्ट टर्म प्लान में रखा है। इसके अलावा एसटीपी, सीईटीपी, ईटीपी बनाने जैसे कार्यो को लॉन्ग टर्म प्लान में रखा है। निगम के एक्शन प्लान के मुताबिक 30 जून 2020 तक दरिया को पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब निगम के इस एक्शन प्लान की ग्राउंड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की है जिसे पीपीसीबी अफसर एनजीटी के सामने पेश करेंगे। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट अब निगम के एक्शन प्लान की पोल खोलेगी। निगम 17 जगह गिरा रहा है दरिया में गंदा पानी नगर निगम अफसर बुड्ढा दरिया को गंदा करने के लिए बार-बार इंडस्ट्री को कोसते रहे हैं जबकि सच्चाई है कि दरिया को गंदा करने में इंडस्ट्री से कहीं ज्यादा नगर निगम का हाथ है। नगर निगम 14 किलोमीटर एरिया में 17 जगह दरिया में गंदा पानी गिराता है जिससे दरिया का पानी प्रदूषित होता है। अब निगम अफसरों ने मान लिया है कि सीवरेज के साथ-साथ डेयरियों व नालों का पानी भी दरिया में गिर रहा है।  इस बीच औद्योगिक कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था न किए जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को 10 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। लुधियाना की स्वयंसेवी संस्था ह्यूमनिस्ट वेलफेयर सोसायटी ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में कहा है कि लुधियाना के इंडस्ट्रियल एरिया बी में बनी अधिकतर फैक्ट्रियां रेड कैटेगरी में है। लगभग सभी फैक्ट्रियों द्वारा औद्योगिक कचरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना नहीं की जा रही। याचिका के अनुसार, इन फैक्ट्रियों में कचरा प्रबंधन के लिए ट्रीटमेंट प्लाट लगवाए गए हैं और अधिकतर फैक्ट्रियों का औद्योगिक कचरा बुड्ढा दरिया में फेंका जा रहा है। इसकी वजह से बुडढा दरिया में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंडस्ट्रियल एफ्लुएंट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना हर फैक्ट्री के लिए आवश्यक है, पर लुधियाना में उद्योगपतियों की लापरवाही का हर्जाना लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता तय है।

शॉर्ट टर्म प्लान में होने वाले कार्य

- एसटीपी पर नजर रखने के लिए निगम ने एसटीपी सेल बनाया।

- निगम पानी की सप्लाई में कटौती कर चुका है। 

-नए ट्यूबवेल लगाने पर निगम रोक लगा चुका है। 

-ट्यूबवेलों पर ऑटो टाइमर लगाए जा रहे हैं। 

-बुड्ढा दरिया के किनारे डस्टबिन रखे जा रहे हैं। 

-अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जानी है।

लॉन्ग टर्म प्लान में होने वाले काम

-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 31 दिसंबर 2019 तक अपग्रेड किए जाएंगे।

- जमालपुर में नया ट्रीटमेंट प्लांट 30 जून 2020 तक तैयार किया जाएगा।

बल्लोके में एक और एसटीपी 30 जून 2020 तक बनाया जाएगा।  

हैबोवाल व ताजपुर डेयरी कांप्लेक्ट में 30 जून 2020 तक ईटीपी लगाए जाएंगे। - स्लाटर हाउस के लिए 31 दिसंबर 2019 तक ईटीपी लगाया जाना है। अवैध तरीके से गिर रहे पानी का एक्शन प्लान में जिक्र नहीं नगर निगम ने जो एक्शन प्लान तैयार किया है उसमें कई प्वाइंटों को नहीं दिखाया गया जहां पर दरिया में गंदा पानी गिर रहा है। निगम ने सिर्फ उन्हीं प्वाइंटों को दिखाया है जहां पर वह अधिकृत तौर पर दरिया में पानी गिरा रहे हैं। एक्शन प्लान में हैबोवाल डेयरी कांप्लेक्स के पास गिराए जा रहे सीवरेज के पानी, स्लाटर हाउस के पानी व अन्य कई जगहों पर गिर रहे गंदे पानी के बारे में कुछ भी नहीं लिखा गया है।

 एनजीटी ने चर्चा  के लिए बुलाया 

बुधवार को एनजीटी ने नगर निगम के एक्शन प्लान पर चर्चा करने के लिए बुलाया है। एनजीटी ने हमसे भी निगम के एक्शन प्लान की फिजिबिलटी रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी के सामने एक्शन प्लान व रिपोर्ट पेश की जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संदीप बहल, एसई पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लुधियाना